मक्कू बजरिया में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में कथाव्यास रोहिताश्व जी ने श्रीकृष्ण की बाल लीला एवं गोवर्धन पूजा का प्रसंग सुनाकर श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया। इस मौके पर श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं की झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं।
कथा व्यास ने कहा कि भगवान ने जिस मटकी से माखन चुराया उस मटकी को अवश्य तोड़ दिया क्योंकि मनुष्य का शरीर ही मटकी है और उसका चित्त माखन के रूप में है। जब मनुष्य के चित्त को वह चित चोर चुरा लेता है तो फिर इस शरीर रूपी मटकी का कोई भी औचित्य नहीं रह जाता है। उन्होंने गिरिराज पूजन कराते हुए कहा कि इंद्र के अभिमान को दूर करने के लिए भगवान ने गोवर्धन लीला की और गिरिराज को धारण कर इंद्र का मान मर्दन किया तथा इंद्र के प्रकोप से अपने भक्तों की रक्षा की। मनुष्य को कभी भी अपनी शक्ति व संपदा आदि का अभिमान नहीं करना चाहिए। संगीत होली के परशुराम शर्मा, ब्रजेंद्र, रविकांत चौरसिया तथा सत्यपाल ने भजन 'तेरो सब संकट मिल जाये तू सेवा कर गोवर्धन कीÓ, 'नख पे गिरविर लीन्हो धार कन्हैया मेरो बारोÓ प्रस्तुत कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। गिरिराज भगवान का छप्पन भोग लगाकर प्रसाद वितरण किया गया। इस दौरान पेश की गईं कृष्ण की बाल लीलाओं की झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। कथा में कुलदीप सिंह, प्रदीप सिंह, धर्मवीर सिंह, चंद्रमोहन जौहरी, ब्रजेश शुक्ला, मोनी मिश्रा, अजय गुप्ता, अरुण, पंकज, सोनू वर्मा, दुर्गेश रस्तोगी, शिव प्रसाद श्रीमाली, अंशदीप, सत्यम, वंशदीप, रोशनी, सुधांशु आदि मौजूद रहे।