शाहजहांपुर। न्यायालय के आदेश पर थाना सदर बाजार में चिनौर निवासी कंचन सिंह की ओर से आनंदपुरम कॉलोनी निवासी दीक्षा उपाध्याय, अनूसा मिश्र, सुभाषनगर कॉलोनी निवासी आदित्य, डबल स्टोरी निवासी अज्जू उर्फ अजय गुप्ता और उनके पांच साथियों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है। 11 जनवरी को उनके बेटे चंद्रशेखर की संदिग्ध हालात में मौत हुई थी।
कंचन सिंह ने बताया कि उनका इकलौता बेटा चंद्रशेखर ओसीएफ में संविदा कर्मचारी के पद पर तैनात था। 11 जनवरी की शाम तक जब बेटा वापस घर नहीं आया तब उसकी पत्नी ने फोन किया, लेकिन बात नहीं हो पाई। रात 10:25 पर बेटे की मौत की सूचना मिली। अस्पताल गए तो देखा कि बेटे के सिर के अलावा शरीर पर कई जगह चोट थीं।
अस्पताल में पहले से मौजूद दीक्षा उपाध्याय व अनूसा मिश्रा के पास बेटे का मोबाइल था। मोबाइल मांगने पर नहीं दिया और दोनों चली गईं। पता चला कि चंद्रशेखर का शव मंसूरी इंटरनेशनल स्कूल के पास पड़ा था। कंचन सिंह ने बताया कि चिनौर में बेटे के नाम एक प्लाॅट था। आरोप है कि घटना से पूर्व उन लोगों ने प्लाॅट का बैनामा धोखाधड़ी करते हुए सुमन गुप्ता निवासी डबल स्टोरी के नाम करवा लिया।
बेटे के खाते से लाखों रुपये दीक्षा व अनूसा ने अपने खाते में ट्रांसफर करा लिए। आशंका है कि उन लोगों ने साजिश कर बेटे की हत्या की है। इंस्पेक्टर राजीव कुमार ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच की जा रही है। तथ्य व साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।