फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नगर पालिका, नगर पंचायतों की संख्या भी नहीं जानते अधिकारी

Tue, 29 Dec 2015 08:53 PM IST
खुटार।
विज्ञापन
विज्ञापन
राष्ट्रीय सफाई आयोग की सदस्य लता ओमप्रकाश महतो की मंगलवार को खुटार में लगी क्लास में तमाम अधिकारियों के पसीने छूट गए। उनके कई सवालों के जवाब बैठक में मौजूद कोई भी अधिकारी नहीं दे सका, इस पर उन्होंने नाराजगी जताई।
विज्ञापन

मंगलवार सुबह ठीक दस बजे आयोग की सदस्य खुटार पहुंच गईं। एडीएम एमएन उपाध्याय, एसडीएम सलिल कुमार पटेल, एएसपी मनीराम यादव सहित शाहजहांपुर, पीलीभीत, बदायूं सहित कई जिलों की नगर पंचायत और नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी भी खुटार पहुंचे। मुख्य रूप से प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत अभियान के तहत खुटार पहुंचीं आयोग की सदस्य ने अभियान के बारे में जानकारी दी और लोगों के विचार सुने। इसके बाद उन्होंने सफाई कर्मियों की वर्दी, आवास, मेडिकल सुविधा, पेंशन, बच्चों की शिक्षा आदि के बारे में जानकारी ली। खुटार के ईओ अनिरूद्ध कुमार ने बताया कि खुटार में सफाईकर्मियों को आवास, फैमिली हेल्थ आदि की सुविधा नहीं है। इस प्रकार का जीओ भी नहीं है।
एमएसआर योजना के बारे में पूछे जाने पर बैठक में मौजूद कोई भी अधिकारी योजना के बारे में नहीं बता सका। इस पर आयोग की सदस्य ने नाराजगी जताते हुए कहा कि जब अधिकारियों को ही कानून की जानकारी नहीं है तो इसका अनुपालन कैसे होगा। उन्होंने बताया एमएसआर कानून के तहत हाथ से मैला ढोने वालों के खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान है। इसके तहत एक वर्ष की सजा और 50 हजार रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। उन्होंने सभी ईओ को निर्देश दिए कि सीवरेज, शौचालय टैंक आदि की सफाई के लिए मशीन की खरीद करें। खुटार नगर पंचायत के आठ सफाई कर्मियों का आठ माह से वेतन नहीं मिलने पर उन्होंने ईओ को कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद आयोग की सदस्य ने मलिन बस्ती का दौरा किया और बस्ती के सामने तालाब का सौंदर्यीकरण कराए जाने, रोड बनवाए जाने आदि के निर्देश दिए।
विज्ञापन

इससे पूर्व आयोग की सदस्य का सफाईकर्मियों ने ढोल नगाड़ों के साथ पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। मलिन बस्ती में भी पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत किया गया। इस दौरान तमाम लोग मौजूद रहे।


बजट का पांच प्रतिशत सुरक्षित रखें
खुटार। राष्ट्रीय सफाई आयोग की सदस्य लता ओमप्रकाश महतो ने सभी ईओ को निर्देश दिए कि मिलने वाले बजट का पांच प्रतिशत सुरक्षित रखकर उसे सफाई कर्मियों के बच्चों की शिक्षा आदि पर खर्च करें। उन्होंने कहा कि राजस्थान, गुजरात आदि में सफाईकर्मियों के लिए आवास योजना लागू है, लेकिन यूपी में ऐसा नहीं है। इस मामले में वह सरकार से बात करेंगी।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें