शाहजहांपुर। शहर में लगीं करीब 18 हजार स्ट्रीट लाइटों में से अधिकतर खराब पड़ी हुईं हैं। रखरखाव की जिम्मेदारी संभाल रही ई-स्मार्ट कंपनी को नगर निगम से करीब नौ माह से भुगतान नहीं मिला है। इसके चलते शहर की मुख्य सड़कों और मोहल्लों की गलियों में अंधेरा पसरा है। वहीं, कांवड़ यात्रा के दौरान परेशानी और बढ़ गई है।
नगर निगम ने नवंबर 2025 से कंपनी का भुगतान रोक रखा है। वर्ष 2018 में ई-स्मार्ट कंपनी को स्ट्रीट लाइटों के रखरखाव का ठेका दिया गया था। कंपनी को प्रतिमाह 38 लाख रुपये का भुगतान किया जाता था। आरोप है कि पर्याप्त राशि मिलने के बावजूद कंपनी ने रखरखाव के लिए कर्मचारी नहीं लगाए।
सितंबर 2025 में पार्षदों ने कंपनी की कार्यशैली का विरोध किया था। छह सदस्यीय पार्षद समिति की जांच में भी कंपनी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे थे। इसके बाद बोर्ड बैठक में कंपनी का टेंडर निरस्त कर दिया गया था। हालांकि, एक माह बाद पार्षदों की सहमति से टेंडर फिर बहाल कर दिया गया।
नगर निगम में प्रतिदिन खराब स्ट्रीट लाइटों की 25 से 30 शिकायतें पहुंच रहीं हैं। नगर आयुक्त सौम्या गुरुरानी ने बताया कि ई-स्मार्ट कंपनी को दोबारा टेंडर मिलने के बाद नवंबर 2025 से भुगतान नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में बैठक कर आपसी सहमति से निर्णय लिया जाएगा। स्ट्रीट लाइट खराब होने की शिकायतें काफी आ रही हैं। नगर निगम की टीमें भी लगाई गई हैं। जल्द ही स्ट्रीट लाइटों की समस्या को दूर करने का काम किया जाएगा।
शहर में अंधेरे का आलम और जनसमस्याएं
शहर में करीब 18 हजार स्ट्रीट लाइटें लगी हैं, इनमें से अधिकांश वार्डों में कई लाइटें खराब पड़ी हैं। बारिश और पाइपलाइन के कार्यों के कारण सड़कें और गलियां पहले से ही खराब स्थिति में हैं। अंधेरे के कारण लोगों को रात में आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। निगोही रोड, गदियाना चुंगी, जागृतिनगर, शांतिपुरम कॉलोनी, सैनिक कॉलोनी, प्रोफेसर कॉलोनी, लोधीपुर, ब्रज बिहार कॉलोनी, बाडूजई प्रथम व द्वितीय, दिलावरगंज, कटियाटोला, महमंद जलालनगर, रामनगर, महमंद हद्दफ, मक्कू बजरिया और बिजलीपुरा जैसे कई क्षेत्रों में यह समस्या गंभीर है। नगर निगम को प्रतिदिन खराब स्ट्रीट लाइटों की 25 से 30 शिकायतें मिल रही हैं।
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नगर निगम के कर्मचारी नाकाफी
स्ट्रीट लाइटों को ठीक करने के लिए नगर निगम ने भी 20-20 कर्मचारियों की टीमें गठित की हैं। ये टीमें नगर निगम की ओर से लगाई गईं स्ट्रीट लाइटों को ठीक करने का काम कर रही हैं। वहीं, ई-स्मार्ट कंपनी की लाइटों का रखरखाव उसके अपने कर्मचारियों की ओर से ही किया जाता है। फिलहाल, ई-स्मार्ट कंपनी के पास केवल एक टीम के 10 से 12 कर्मचारी ही सक्रिय बताए जा रहे हैं।
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फोटो- 17-
हमारे वार्ड में करीब एक माह से 35 स्ट्रीट लाइटें खराब हैं। ई-स्मार्ट कंपनी लाइट सही नहीं कर रही है और नगर निगम की ओर से ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इससे वार्ड के लोगों को परेशानी हो रही है।
- रामबरन सिंह चंदेल, पार्षद ब्रज विहार
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- हमारे वार्ड में करीब 60 स्ट्रीट लाइटें खराब हैं। नगर निगम के अधिकारियों से कई बार बात कर चुके हैं। समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। ई-स्मार्ट कंपनी भी काम नहीं कर रही है।
- रूपेश कुमार वर्मा अन्नू, पार्षद लोधीपुर
फोटो- 20
- हमारे वार्ड में करीब 35 लाइट खराब हैं। बोर्ड की बैठक में वित्तमंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने नगर आयुक्त को निर्देश दिए थे कि लाइट सही की जाएं, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ।
- रीता राठौर, पार्षद जलालनगर बाहर चुंगी
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- मेरे वार्ड में चार हाईमास्ट लाइट खराब हैं। नगर निगम के अधिकारियों से कई बार शिकायत कर चुके है लेकिन इसके बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। क्षेत्र में रात में अंधेरा छाया रहता है।
- जगदीश कुशवाहा, पार्षद बाडूजई प्रथम
शहर के मोहल्ला लोधीपुर में खराब स्ट्रीट लाइटों की वजह से पड़ा अंधेरा। संवाद
शहर के मोहल्ला लोधीपुर में खराब स्ट्रीट लाइटों की वजह से पड़ा अंधेरा। संवाद
शहर के मोहल्ला लोधीपुर में खराब स्ट्रीट लाइटों की वजह से पड़ा अंधेरा। संवाद
शहर के मोहल्ला लोधीपुर में खराब स्ट्रीट लाइटों की वजह से पड़ा अंधेरा। संवाद
शहर के मोहल्ला लोधीपुर में खराब स्ट्रीट लाइटों की वजह से पड़ा अंधेरा। संवाद
शहर के मोहल्ला लोधीपुर में खराब स्ट्रीट लाइटों की वजह से पड़ा अंधेरा। संवाद
शहर के मोहल्ला लोधीपुर में खराब स्ट्रीट लाइटों की वजह से पड़ा अंधेरा। संवाद