शाहजहांपुर। कचरा प्रबंधन के लिए नगर निगम डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन योजना शुरू कर रहा है। प्रयोग के लिए सबसे पहले खिरनीबाग वार्ड को चयनित किया है। यहां पर यह योजना सफल होने पूरे नगर निगम क्षेत्र में लागू की जाएगी। इसमें मोहल्ले की जनसंख्या के हिसाब से प्रेरक लगाए जाएंगे जो घर-घर जाकर वार्ड के लोगों को बताएंगे कि उनको गीला और सूखा कचरा अलग-अलग करके देना है।
निगम अफसरों के मुताबिककचरे को प्रत्येक घर से इकट्ठा किया जाएगा और उसी वार्ड में चिह्नित जगहों पर कूड़ेदान लगाए जाएंगे। जितना कूड़ा वार्ड से इकट्ठा होगा, उस कचरे को खाद बनाने के लिए कूड़ेदान बनाए गए हैं। यह कूड़ेदान वहां पर रखे जाएंगे और जो गीला कचरा होगा, वह वहीं पर 35-40 दिन में खाद में बदल जाएगा। इस खाद की बिक्री की जाएगी और सूखा कचरा पुर्नप्रबंधन (रिसाइकलिंग) के लिए भेजा जाएगा। इस तरह उस वार्ड का कचरा कहीं और ले जाकर पुर्नप्रबंधन के लिए डलाव की जरूरत नहीं पड़ेगी।
वार्ड स्तर पर में बनाई जाएगी कमेटी
‘मेरा कचरा मेरी जिम्मेदारी’ सिद्घांत पर होने वाले इस कार्य के लिए वार्ड स्तर पर ही कमेटी बनाई जाएगी, इसमें वार्ड के लोगों को ही शामिल किया जाएगा। कमेटी की जिम्मेदारी होगी कि वह प्रत्येक घर के लोगों को गीला-सूखा कूड़ा अलग-अलग एकत्र करने को प्रोत्साहित करे और वहां से कचरा कलेक्शन कराएं। इसके लिए निर्धारित शुल्क लिया जाएगा, जो 50 रुपये प्रत्येक माह के हिसाब से देना होगा। यह शुल्क कमेटी के पास जमा होगा। इसी से डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन में लगे कर्मचारियों को वेतन दिया जाएगा। उसमें से जो धनराशि बचेगी उसे अन्य कार्यों में इस्तेमाल किया जाएगा।
सहयोगी की भूमिका में रहेगा नगर निगम
जब तक कमेटी आत्मनिर्भर नहीं हो जाती नगर निगम सहयोगी की भूमिका में रहेगा। जब कमेटी आत्मनिर्भर हो जाएगी फिर वह खुद कचरा इकट्ठा करेगी। उसकी खाद बनाने और पुर्नप्रबंधन में इस्तेमाल करेगी। फिर नगर निगम कर सिर्फ निगरानी की जिम्मेदारी होगी।
15 अगस्त के बाद होगी शुरुआत
सहायक नगर आयुक्त रश्मि भारती ने कहा कि जब लोग जागरूक हो जाएंगे तो गंदगी न फैलाकर कचरा अपने पास ही इकट्ठा करके अलग-अलग करते रहेंगे। इसके बाद जब कचरा पुर्नचक्रण और खाद के लिए जाएगा तो सारी व्यवस्था खुद ही अच्छी हो जाएगी। 15 अगस्त से इस योजना की शुरुआत करने की तैयारी है।
महिलाओं को बनाया जाएगा प्रेरक
इस योजना में चार प्रेरक लगाए जाएंगे, जो महिलाएं होंगी। यह प्रेरक घरों में जाकर लोगों को गीले और सूखे कूड़े को अलग रखने के लिए प्रेरित करेगी। साथ ही यह भी बताएंगी कि किस चीज को कौन से कूड़ेदान में डालना है। उसके बाद वे महिलाएं ही जाकर समुदाय बनाने में मदद करेंगी। इस तरह वे लोग सामने आएंगे जो खुद ही वार्ड को स्वच्छ रखने की जिम्मेदारी लेंगे।
कूड़ा प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए नगर निगम की ओर से एक ऐसा वार्ड बनाने पर काम किया जाएगा, जो जीरो वेस्ट (पूरी तरह से कचरा रहित) होगा। जहां से कचरा बाहर नहीं जाएगा, वार्ड का कचरा वहीं पर निस्तारित होगा। यह एक प्रायोगिक परिकल्पना है, जिसके साकार होने से वार्ड के साथ ही शहर को भी स्वच्छ बनाया जा सकेगा। - संतोष कुमार शर्मा, नगर आयुक्त शाहजहांपुर।