शाहजहांपुर। नगर पंचायत रोजा और ग्राम पंचायत चिनौर समेत तमाम गांव नगर निगम में शामिल हुए लोग काफी खुश थे। उम्मीद थी कि अब तेजी से विकास होगा और नगर निगम की मूलभूत सुविधाएं मिलेंगी। लेकिन अब वे पछता रहे हैं, लोगों का कहना है कि उनसे तमाम तरह के कर तो वसूले जा रहे हैं लेकिन सुविधाएं नदारद हैं। सड़कें खस्ताहाल हैं, कई जगह नालियां ही नहीं हैं। साफ सफाई न होने से जगह जगह गंदगी का अंबार लगा हुआ है। शिकायत पर भी सुनवाई नहीं होती है।
साल 2018 में 13 राजस्व ग्राम, भूखंडों और नगर पंचायत रोजा के क्षेत्र को शामिल कर नगर निगम शाहजहांपुर बनाया गया था। नगर निगम घोषित होने के बाद दिसंबर 2019 में ग्राम पंचायत चिनौर समेत छह राजस्व गांवों को सीमा विस्तार में जोड़ा गया। तब इन गांवों में विद्युत व्यवस्था में सुधार, सड़कों का निर्माण कार्य, ओवरहेड टैंक बनाकर पानी सप्लाई, जल निकासी की व्यवस्था, साफ-सफाई के विशेष व्यवस्था व निगम की समस्त योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराए जाने का दावा किया गया था। ढाई साल से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी नगर पंचायत रोजा में इन सभी सुविधाओं का टोटा है। यहां तक की नगर पंचायत से मिलने वाली सुविधाएं भी क्षेत्रवासियों से छिन गई हैं। क्षेत्र के गांवों की मुख्य सड़कें खस्ता हाल हैं। साफ-सफाई पर ध्यान नहीं दिया जाता, नालियां न बनने की वजह से बरसात के दौरान सड़क और घरों में पानी भर जाता है। गौरतलब है कि रोजा नोटिफाइड एरिया के अटसलिया, जमुही व बल्लिया गांव नगर निगम में जुड़े थे। इनमें अभी भी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। नगर पंचायत रोजा के गली-मोहल्लों की स्थिति भी बदहाल है। नगर निगम नलों से पानी नहीं आता, पेयजल सप्लाई हुई नहीं है, आधे वार्ड ऐसे हैं, जहां कचरा उठाने के लिए डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन की गाड़ियां भी नहीं जा पा रहीं।
वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार
पूर्व में नगर निगम की जनसंख्या - 3,51,893
प्रस्तावित क्षेत्र शामिल करने पर जनसंख्या - 3,56,269
पूर्व में नगर निगम का क्षेत्रफल - 483.298 हेक्टेयर यानी 4.84 वर्ग किमी
प्रस्तावित क्षेत्र शामिल करने पर क्षेत्रफल - 5624.248 हेक्टेयर अर्थात 56.25 वर्ग किमी
नगर पंचायत के समय पर साफ-सफाई की व्यवस्था ठीक थी। नगर निगम में शामिल होने के बाद कोई सफाई नहीं हो रही है। नालियां बजबजा रही हैं। जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। - संतोष गुप्ता, रोजा
मालगोदाम से रोजा अड्डे पर जाने के लिए चंद्र नर्सिंग होम के सामने प्रतिवर्ष बरसात में पानी भर जाता है। एक बार तो पानी में लगे पोल में करंट आने से एक बच्चे की मौत तक हो गई थी। - संतोष शर्मा, रोजा
नगर पंचायत के समय किसी भी समस्या होने पर चेयरमैन को फोन करते ही समाधान हो जाता था। सर्दियां शुरू होते ही अलावा लगाया जाता था, लेकिन नगर निगम बनने के बाद अलावा तक नहीं लगता। - अक्षत मिश्रा, रोजा
नगर पंचायत के समय सोलर प्लांट से आदर्श नगर कॉलोनी, साप्ताहिक बाजार, पथरिया फाटक, दमा नाला तक स्ट्रीट लाइटें जलती थीं। नगर निगम बनने के बाद सोलर प्लांट बेकार बना हुआ है। - रोशन लाल प्रजापति, रोजा
नगर निगम से अच्छी सुविधाएं नगर पंचायत के समय रहा करती थीं। साफ सफाई व्यवस्था ठीक रहा करती थी। वर्तमान समय में कर्मचारी सफाई करने तक नहीं आते। कोई विकास कार्य नहीं हुुआ। - संजीव पांडे, रोजा
नगर निगम क्षेत्र में शामिल नगर पंचायत रोजा व राजस्व गांवों में विकास कार्य कराए जा रहे हैं। आने वाले दिनों में महानगर जैसी सुविधाएं लोगों को मिलेंगी। एकदम से चीजों को नहीं बदला जा सकता है, समय लगता है। - संतोष कुमार शर्मा, नगर आयुक्त