गांव पृथ्वीपुर के मुकेश की हत्या जुएं में जीती गई रकम के बंटवारे को लेकर की गई थी। इसका खुलासा पुलिस गिरफ्त में आए गांव के ही रामखिलावन व धीर सिंह उर्फ धीरू ने पुलिस से पूछताछ में किया। पकड़े गए लोगों ने बताया कि मुकेश की हत्या पांच लोगों ने मिलकर की थी। 24 घंटे तक शव को रामखिलावन के घर में ही छिपाए रखा गया। रात में गांव के बाहर कुएं में शव फेंक दिया और मृतक के सेलफोन को सब्जी के खेत में गड्ढा खोदकर दबा दिया था। जिसे पुलिस ने दोनों की निशानदेही पर बरामद कर लिया। पुलिस ने दोनों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
जलालाबाद सीओ बल्देव सिंह खनेड़ा ने पत्रकारों को बताया कि मुकेश की लाश 10 जनवरी को सूखे कुएं से बरामद होने के बाद पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या किए जाने की पुष्टि होने पर पुलिस ने पड़ताल शुरू की। परिवारवालों से भी किसी से रंजिश या शक होने की जानकारी की गई तो उन्होंने इन्हीं दोनों पर शक जाहिर किया। इसी आधार पर जब पड़ताल शुरू हुई तो पता चला कि मुकेश को आखिरी बार रामखिलावन के घर के आसपास देखा गया था। पुलिस जब रामखिलावन के घर पहुंची तो वह गायब था। इसके अलावा गांव के धीर सिंह उर्फ धीरू व अन्य कुछ लोग भी गायब मिले। इससे पुलिस का शक और गहरा गया।
थानाध्यक्ष आलोक मिश्रा ने दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जाल बिछा दिया। बुधवार शाम रामखिलावन और धीर सिंह उर्फ धीरू को फर्रुखाबाद रोड पर गांव कांकर कठा मोड़ से गिरफ्तार कर लिया। दोनों लोग कहीं जाने के लिए वाहन का इंतजार कर रहे थे। पूछताछ में रामखिलावन और धीर सिंह ने अपराध स्वीकार कर बताया कि जुएं में जीती रकम के बंटवारे को लेकर उन्होंने गांव के जयपाल, सुनील और सुखलाल के साथ मिलकर मुकेश की गला दबाकर हत्या कर शव को घर में ही छिपाया था। दूसरे दिन देर रात शव को केवलराम के सूखे कुएं में डाल दिया था। पुलिस जयपाल, सुनील और सुखलाल की तलाश कर रही है।