माता-पिता के नहीं थम रहे आंसू
बेटी के खोने का मां शबनम और पिता नईम को बहुत दुखी हैं। रोते हुए उनकी आंखें लाल हो गई हैं। शबनम अपनी सुध-बुध खो बैठी हैं। नईम हृदय रोग से पीड़ित हैं। रोने से उनकी आंखें लाल हो गई हैं। वहीं, भाई इकराम भी बहन को कुत्तों से बचाने में गिरकर घायल हो गए थे। उनके भी खरोंच आई थी।
कुत्तों पर नहीं कसा शिकंजा, घर के पास ही बैठे दिखे
सोमवार को दोपहर में ही कई कुत्ते स्वालिया के घर के नजदीक ही बैठे रहे। लोगों ने उन्हें भगाया, लेकिन फिर आकर बैठ गए। स्वालिया के चचेरे भाई वकार आलम वारसी ने बताया कि इतनी बड़ी वारदात होने के बाद भी अफसरों ने कुत्तों को पकड़ने को कोई ठोस कदम नहीं उठाया। स्थानीय लोगों के साथ नगर निगम का घेराव किया जाएगा।
सीएमएस करेंगे जांच
स्वालिया के इलाज के दौरान राजकीय मेडिकल कॉलेज में बाहर से एआरवी मंगवाने की जांच सीएमएस को दी गई है। स्वालिया के बहनोई यामीन ने बताया था कि मेडिकल कॉलेज में लापरवाही बरती गई। यहां एआरवी न उपलब्ध होने की बात कहते हुए उनसे बाहर से 380 रुपये में एआरवी मंगवाई गई। प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि एआरवी पर्याप्त संख्या में है। फिलहाल मामले की जांच सीएमएस को दी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।