शाहजहांपुर। अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट कृष्णलीला यादव ने बहू की हत्या में सास और ससुर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। सास और ससुर ने बेटा न पैदा होने और दहेज की मांग पूरी न होने पर बहू को जला दिया था।
सुमित अवस्थी ने आरसी मिशन थाने में तहरीर दी थी कि उसकी बहन रचना मिश्रा का विवाह अप्रैल 2007 में मोहल्ला रेती के रहने वाले सुमित मिश्रा से हुआ था। दहेज में लगभग चार लाख रुपये नकद दिए थे। चार लाख रुपये और खर्च हुए थे। इसके बावजूद ससुराल के लोग बहन को दहेज के लिए मानसिक तौर पर परेशान करते थे।
इस संबंध में बहन ने मायके वालों को भी बताया था। इसके बाद उसने दो बेटियों को जन्म दिया। बहन की सास वीना मिश्रा और ससुर विमल मिश्रा बेटियां होने और दहेज में रुपये न देने का ताना मारकर परेशान करने लगे। 24 दिसंबर 2017 की रात आठ बजे उसके बहनोई ने फोन पर बताया कि उसकी बहन बीमार है। जब वह उसकी ससुुराल पहुंचा तो मालूम हुआ कि वह जिला अस्पताल में है। जिला अस्पताल में पता चला कि उसकी बहन की मौत हो चुकी है। सास वीना मिश्रा और ससुर विमल मिश्रा ने बहन की जलाकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने के बाद विवेचना की। सास और ससुर के खिलाफ आरोपपत्र अदालत भेजा। अदालत में मुकदमा चलने के दौरान दोनों लोगों को दोषी पाया गया। अदालत ने उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।