सेहरामऊ दक्षिणी। प्रसव पीड़ा के बाद निजी अस्पताल में जच्चा और बच्चा की मौत हो गई। परिजन ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाकर शांत कराया है।
मेहनत-मजदूरी करने वाले अतुल की 23 वर्षीय पत्नी रीता को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन उन्हें पीएचसी पर ले गए। आरोप है कि आशा कार्यकर्ता सुविधाएं नहीं मिलने की बात कहते हुए उन्हें लेकर निजी अस्पताल पहुंच गई। अपराह्न 12:50 बजे रीता का सामान्य प्रसव हुआ। परिजन के अनुसार, डॉक्टर ने बच्चे की तबीयत खराब होने की बात कहते हुए इंजेक्शन लगाए। इसके बाद कुछ देर के बाद बच्चे की मौत हो गई।
परिजन बच्चे को दफनाने लेकर गए। कुछ देर के बाद रीता की मौत की खबर आ गई। जच्चा-बच्चा की मौत के बाद परिजन ने हंगामा शुरू कर दिया। बताया कि प्रसव के बाद रीता खुद ही दूसरे कमरे में गई थी। उसने चाय भी पी थी। परिजन ने शोर-शराबा करते हुए लापरवाही का आरोप लगाया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन दिया। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा है। बताते हैं कि अस्पताल का पंजीकरण भी नहीं है।
रीता का फाइल फोटो। स्रोत: परिजन