धरना स्थल पर सभा की अध्यक्षता करते हुए महासंघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष शैलेंद्र अवस्थी ने कहा कि सरकार की हठधर्मिता के कारण प्रारंभिक ग्रेड वेतन में संशोधन पर शासन से सैद्धांतिक सहमति बनने के बावजूद राजाज्ञा जारी नहीं की जा रही। विवश होकर प्रांतीय नेतृत्व को 24 फरवरी तक कार्य बहिष्कार और 25 फरवरी से बेमियादी हड़ताल करने का निर्णय लेना पड़ा। डिप्लोमा इंजीनियर्स संघर्ष समिति के मंडल चेयरमैन संजीव दीक्षित ने कहा कि हड़ताल के दौरान जनहित के विकास कार्य प्रभावित होने पर सरकार जिम्मेदार होगी।
कार्य बहिष्कार और धरना में महासंघ के जिला सचिव एम रहमान, राज सिंह, एचएन मिश्रा, नजर अंसारी, प्रवीण कुमार, ठाकुर सिंह, मनोज गंगवार, सोमपाल सिंह, रोशन अली, अरविंद पटेल, अतर पाल सिंह, अकील अहमद, दीनदयाल, सीपी सिंह, उपेंद्र कुमार, हरिओम, रामगोपाल, ज्ञानेंद्र शर्मा, वीरपाल सिंह, अश्विनी कुमार, बलवंत शर्मा, गया प्रसाद चौरसिया आदि शामिल रहे।