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Shahjahanpur News: दूध के नाम पर 50 प्रतिशत से अधिक लोग पी रहे पानी

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शाहजहांपुर। असली दूध मिलने की गारंटी नहीं है। दूध में पानी की जमकर मिलावट हो रही है। दूध विक्रेता थोड़े से लालच के लिए लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं। दूध में मिलाया जाने वाला पानी स्वच्छ है, इसकी गारंटी भी नहीं है। खाद्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 50 प्रतिशत लोग दूध कम और पानी का सेवन अधिक कर रहे हैं।
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खाद्य विभाग के मुताबिक वर्ष 2024-25 में दूध के 127 नमूने लिए गए। इनमें से 62 फेल हो गए। इसी तरह से वर्ष 2025-26 में अप्रैल से जून तक 23 में से 13 नमूने फेल हुए। 15 माह में 150 नमूने लिए गए। इनमें 75 नमूने फेल हो गए।
सबसे अधिक दूध में पानी की मिलावट या फिर क्रीम निकालने की बात सामने आई। इसमें वर्ष 2024-25 में 57 मामलों में 15,77,000 का जुर्माना लगाया गया। इसी तरह से वर्ष 2025-26 में जून माह तक पांच मामलों में 71,000 रुपये का जुर्माना मिलावटखोरों के विरुद्ध लगाया गया है। (संवाद)
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पानी के आधार पर बाजार में दूध के भाव तय
बाजार में 50 से लेकर 80 रुपये प्रतिलीटर में दूध की बिक्री हो रही है। 50 रुपये वाले दूध में पानी ज्यादा होता है। 60 रुपये में मात्रा थोड़ी कम हो जाती है। 80 रुपये में प्योर दूध की गारंटी दी जाती है। ग्राहक अपनी जेब के हिसाब से दूध विक्रेताओं से दूध खरीद रहे हैं। यह और बात है कि 80 रुपये में दूध लेने के बाद मिलावटी नहीं होने की गांरटी कम है।


बच्चों से लेकर बुजुर्गों को नहीं मिल रहा पोषण
राजकीय मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. एमएल अग्रवाल ने बताया कि अगर दूध में पानी मिलाया जा रहा है या फिर उसकी क्रीम निकाली जा रही है तो इससे पोषण की मात्रा कम हो रही है। बच्चे हो या बड़े, उनको दूध से जो पोषण मिलना चाहिए, वह मिलावटी दूध की वजह से नहीं मिल पा रहा है। यह भी निर्भर करता है कि पानी स्वच्छ मिलाया जा रहा है कि नहीं। इससे डायरिया, उल्टी-दस्त आदि हो सकता है।

दूध में पानी की मिलावट की शिकायत बहुत आती हैं। इसी आधार पर इसके नमूने अधिक लिए जाते हैं। दूध की नमूने में पानी की मिलावट और क्रीम निकालने की रिपोर्ट अधिक आती हैं। दूध विक्रेताओं पर लगातार जुर्माना लगाया जा रहा है। नमूने लिए जा रहे हैं।
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- चंद्रशेखर मिश्रा, सहायक खाद्य आयुक्त
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