परौर। कस्बे में बंदरों का आतंक बढ़ जाने से लोग बहुत परेशान हैं। बच्चों और महिलाओं का घरेलू कामो से छतो पर जाना कठिन हो गया है। पलक झपकते ही बंदर छत से घरों के आंगन में उतरकर कपड़े, सब्जियां, रसोई से खाने-पीने का सामान उठा ले जाते हैं। छतों से भगाने का प्रयास करने पर बंदरों का झुंड आक्रामक हो उठता है।
बंदरों की उछलकूद से कच्चे मकानों के छप्पर, छतों की मुंडेर आदि क्षतिग्रस्त हो रही हैं। किसानों को खेतों पर फसल की रखवाली करनी भी मुश्किल हो गई है। जलालाबाद रेंज के क्षेत्रीय वन अधिकारी विशाल कुमार रावत के अनुसार शासनादेश के तहत बंदर पकड़ने की जिम्मेदारी उनके विभाग से लेकर ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव और नगर निकायों के अधिशासी अधिकारियों को दी गई है। संवाद