मॉडल प्राइमरी स्कूल हथौड़ा बनेगा द बेस्ट
प्रदेश सरकार के परिषदीय स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और स्कूलों में शिक्षा का माहौल तैयार करने के लिए नया फंडा ईजाद किया है। इसके अंतर्गत सूबे के प्रत्येक जनपद से एक-एक प्राथमिक स्कूल को चिन्हित कर उसे द बेस्ट के खिताब से नवाजा जाएगा। पढ़ाई-लिखाई और छात्रों की सुविधाओं के लिहाज से अव्वल माने जाने वाले स्कूल के प्रधान अध्यापक और प्रबंध समिति के अध्यक्ष को भी सम्मानित किए जाने की व्यवस्था सरकार ने कर रखी है। इतना ही नहीं शिक्षा के क्षेत्र में नित नए आयाम स्थापित करने वाले स्कूल को 1.20 लाख रुपये की इनामी राशि भी मिलेगी, जिससे स्कूल में आवश्यकतानुसार विकास कार्य कराए जा सकेंगे। इस श्रेणी में अपने जनपद के विकास खंड भावलखेड़ा के मॉडल प्राइमरी स्कूल हथौड़ा बुजुर्ग द्वितीय को चयनित कर शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। बीएसए राकेश कुमार ने बताया कि शासन की मंशानुरूप वैसे तो कई स्कूल ऐसे हैं, जिनको नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इन स्कूलों के प्रधानाध्यापक अपनी लगनशीलता, कर्तव्यनिष्ठा और व्यक्तित्व से अपने स्कूलों को मॉडल स्कूल बनाने में कोई कोरकसर नहीं छोड़ रहे हैं। चूंकि शासन ने पहले चरण में सूबे के एक-एक स्कूल को ही द बेस्ट मानकर पुरस्कृत करने की योजना बनाई है, इसलिए अपने जनपद में अंग्रेजी माध्यम से चलने वाले मॉडल प्राइमरी स्कूल हथौड़ा द्वितीय का नाम प्रस्तावित किया गया है।
ये विभाग के लिए गौरव की बात होगी
स्कूल को आगे बढ़ाने में साथी शिक्षिका फरहा दीबा, ज्योति बाला गोगिया, प्रीति तोमर समेत अभिभावकों का भी बहुत योगदान है। बीते सत्र में उनके स्कूल में कक्षा एक से पांच तक लगभग 292 बच्चे थे। छात्र संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो इसके लिए बराबर प्रयास किए हैं, बच्चों की उपस्थिति भी 80 फीसदी के आसपास रहती है। इसके अलावा सांस्कृतिक कार्यक्रमों और खेलों में मंडल तथा प्रदेश स्तर पर बच्चों ने सफलता पाई है। स्कूल को द बेस्ट के खिताब से नवाजा जाता है तो यह पूरे स्टाफ और विभाग के लिए गौरव की बात होगी। सुखमीत कौर, प्रधानाध्यापिका, मॉडल प्राइमरी स्कूल हथौड़ा द्वितीय
द बेस्ट बनने के लिए ये हैं मानक
शैक्षिक सत्र 2015-16 में कम से कम 150 विद्यार्थी हों। कोई भी बच्चा आउट ऑफ स्कूल न हो। निर्धारित क्षेत्र के 06-11 वर्ष के सभी बच्चों के नाम स्कूल में दर्ज हों। बच्चों की मासिक औसतन उपस्थिति 60 प्रतिशत से अधिक हो शिक्षकों ने पाठ्यक्रम समय से पूरा कर लिया हो।