विधान परिषद की पीलीभीत-शाहजहांपुर सीट से चुनाव लड़ने के लिए नामांकन कराने वाले प्रत्याशियों को उम्मीदवारी वापस लेने के लिए बृहस्पतिवार को अपरान्ह तीन बजे तक का समय दिया गया, लेकिन निर्धारित अवधि में किसी भी प्रत्याशी ने नाम वापस नहीं लिया। नाम निर्देशन पत्र वापस लेने की समय सीमा बीतने के बाद जिला निर्वाचन अधिकारी शुभ्रा सक्सेना ने सपा और भाजपा उम्मीदवार समेत पांच प्रत्याशियों के नामों पर चुनाव लड़ने के लिए अंतिम मोहर लगा दी।
एमएलसी चुनाव के लिए प्रत्याशियों की नामांकन प्रक्रिया आठ फरवरी से शुरू हुई। गत 12 फरवरी को सबसे पहले सपा प्रत्याशी अमित यादव रिंकू ने पार्टी के तमाम नेताओं और समर्थकों के साथ कलक्ट्रेट जाकर नामांकन कराया। अंतिम दिन 15 फरवरी को भाजपा उम्मीदवार जयेंद्र प्रताप सिंह राठौर समेत निर्दलीय के तौर पर वैद्यराज के नाम से मशहूर किशन लाल, जगतपाल सिंह, विश्व प्रकाश सिंह और रामलड़ैते पाल ने नाम निर्देशन पत्र जमा किए।
अगले दिन नामांकन पत्रों की जांच से पता चला कि निर्दलीय रामलड़ैते पाल ने अपने नाम निर्देशन पत्र पर सभी दस प्रस्तावकों के नाम दिए, लेकिन चार प्रस्तावकों के हस्ताक्षर नहीं कराए। इसी आधार पर रामलड़ैते का पर्चा खारिज हो गया। शेष पांच उम्मीदवारों को नाम वापस लेने के लिए बुधवार और बृहस्पतिवार को दो दिन का मौका दिया गया। इस अवधि में किसी प्रत्याशी ने अपना पर्चा वापस नहीं लिया।