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Shahjahanpur News: 5.6 डिग्री लुढ़का न्यूनतम पारा, फसलों पर पाले का खतरा

Fri, 10 Jan 2025 12:48 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
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जैतीपुर क्षेत्र में खेत में लहलहाती सरसों की फसल । संवाद 
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शाहजहांपुर। रात में न्यूनतम पारा 10.8 से लुढ़ककर 5.2 डिग्री सेल्सियस रह गया है। दिन में धूप निकली, लेकिन सर्द हवा के सामने बेअसर साबित हुई। ऐसे में रात से पाला गिरने के कारण फसलों को नुकसान की आशंका गहरा गई है।
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कई दिनों से धूप नहीं निकलने से अधिकतम पारा जहां 15 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह रहा था, जबकि रात में न्यूनतम तापमान दस के ऊपर था। बुधवार रात न्यूनतम पारा 5.6 डिग्री लुढ़कने से लोगों की कंपकंपी छूट गई। दिन में धूप निकलने से अधिकतम तापमान में वृद्धि हुई है।

हालांकि दिन में गलन से राहत नहीं मिली। मौसम विभाग के मुताबिक शुक्रवार की रात में पाला गिरेगा और कोहरा घना होने के साथ अधिकतम तापमान में गिरावट होने की संभावना है। गन्ना शोध संस्थान के मौसम वैज्ञानिक डॉ. मनमोहन सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार को न्यूनतम तापमान 5.2 डिग्री और अधिकतम तापमान 18.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
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बुधवार को न्यूनतम तापमान 10.8 डिग्री और 15.4 डिग्री सेल्सियस रहा था। बुधवार के मुकाबले बृहस्पतिवार को न्यूनतम तापमान में 5.6 डिग्री गिरावट हुई, जबकि अधिकतम तापमान में 3.2 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हुई है।

बृहस्पतिवार शाम को उत्तरी और पछुआ हवा चल रही है। रात में पाला तेजी से पड़ेगा। कोहरा घना होने के साथ ही अधिकतम तापमान में गिरावट होने की संभावना है।



आलू और सरसों में झुलसा लगने का बढ़ गया खतरा

कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. एनसी त्रिपाठी ने बताया कि करीब एक सप्ताह से पर्याप्त धूप नहीं निकल रही है। बुधवार रात से पाला गिरना शुरू हो गया है। इससे आलू और सरसों की फसल में झुलसा रोग लगने की संभावना बढ़ गई है। मटर, टमाटर और अन्य सब्जियों के उत्पादन पर असर पड़ेगा।

दलहनी फसलों में नुकसान होने की आसार बढ़ गए हैं। फूल की फसल भी प्रभावित होगी। पाला गेहूं के लिए काफी फायदेमंद हैं। इससे फसल का उत्पादन बढ़ेगा। गन्ने पर फिलहाल अभी कोई प्रभाव पड़ने की संभावना कम है।

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ऐसे करें फसल का बचाव

जिला कृषि रक्षा अधिकारी संजय कुमार ने बताया, झुलसा फाइटोप्थोरा नामक फफूंद से होता है। यह पौधों को अंदर से संक्रमित करता है। इसको रोकने के लिए कॉपर आक्सीक्लोराइड 50 प्रतिशत डब्लूपी की दो किग्रा मात्रा या जिनेव 75 प्रतिशत मात्रा दो किग्रा या हेक्साकोनाजोल 2 मिली प्रति लीटर या मेटेलेक्सिल 0.5 ग्राम प्रति लीटर पानी में घोल बना कर स्प्रे करें।

ऐसे मौसम में सरसों की फसल में माहू कीट से क्षति होने की आशंका रहती है। इसकी शुरुआत में नीम ऑयल 1.5 मिली प्रति लीटर घोल से नियंत्रण किया जा सकता है। माहू कीट के अधिक प्रकोप होने पर डाइमेथोएट दो मिली प्रति लीटर या क्लोरपाइरीफॉस 1.5 मिली प्रति लीटर या क्लोरो साइपरमेथ्रीन 1.0 मिली प्रति लीटर या इमिडाक्लोप्रिड 0.5 मिली प्रति लीटर का छिड़काव कर सकते हैं।

जैतीपुर क्षेत्र में खेत में लहलहाती सरसों की फसल । संवाद 

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