शाहजहांपुर में आईआईए की बैठक में अतिथियों का स्वागत करते पदाधिकारी। स्रोत: संगठन
शाहजहांपुर। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक अग्रवाल ने नए भूगर्भ जल कानून की शर्तों को अन्यायपूर्ण एवं प्रतिगामी बताया। उन्होंने कहा कि सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों में पानी का केवल दो से तीन प्रतिशत ही उपभोग किया जाता है। जबकि कानून इस तरह बनाया गया है कि जैसे कि पानी का संपूर्ण दोहन उद्योगों में ही हो रहा है।
वह हथौड़ा बुजुर्ग स्थित जी-सर्जीवेयर फैक्टरी के सभागार में आईआईए की ओर से ग्राउंड वॉटर से संबंधित नोटिस व भूगर्भ जल अधिनियम पर चर्चा के लिए आयोजित बैठक में बोल रहे थे। उन्होंने जल दोहन पर बने कानून पर उद्योग जगत की चिंता को विस्तार से बताया।
सीनियर हाइड्रोलॉजिस्ट सौरभ शाह ने कानून के विभिन्न प्रावधानों पर प्रकाश डाला। कहा कि अब सभी इकाइयों को बिजली की तरह पानी के लिए भी इलेक्ट्रिक वॉटर मीटर लगाना अनिवार्य होगा। जल उपभोग के आधार पर स्लैब के अनुसार कर निर्धारित किया गया है। उन्होंने इस बदलाव में उद्योगों को विभाग की ओर से पूर्ण सहयोग का भरोसा भी दिलाया।
इससे पहले आईआईए के चैप्टर चेयरमैन विनम्र अग्रवाल, सीईसी सदस्य शुभम खन्ना, मंडलीय अध्यक्ष गुरजीत सिंह मोंगा व सचिव रोहित गोयल ने अतिथियों का स्वागत किया। इस मौके पर कोषाध्यक्ष जयगोविंद मोदी, सुरेश सिंघल, मुकेश अग्रवाल, आरिफ खान, दीपक अग्रवाल आदि मौजूद रहे।