जैतीपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत रपडिय़ा में महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना के तहत कराए जा रहे कामों में कई प्रकार की धांधली बरते जाने की शिकायतों को ग्राम्य विकास आयुक्त ने गंभीरता से लिया है। रपडिय़ा गांव के ही ओम प्रकाश सिंह द्वारा इस बावत दिए गए प्रार्थना पत्र में श्रमिकों के नाम से दोहरे जॉब कार्ड बनाए जाने, भुगतान में धांधली के लिए श्रमिकों और कार्य स्थल के फोटो वेबसाइट पर अपलोड नहीं किए जाने आदि अनियमितताओं का उल्लेख किया गया है। इस मामले में मनरेगा सेल के संयुक्त आयुक्त ने सीडीओ को पत्र भेजकर जांच कराने के निर्देश दिए हैं।
इस संबंध में शिकायतकर्ता ने ब्लॉक व तहसील स्तर के अफसरों समेत जिला मुख्यालय पर डीडीओ, सीडीओ को भी लिखित प्रतिवेदन दिए, लेकिन न तो शिकायतों की जांच हुई और न ही रपडिय़ा में मनरेगा के तहत कराए जाने वाले कामों से जुड़े श्रमिकों के अभिलेख सुधारे गए। इस पर ओम प्रकाश सिंह ने ग्राम विकास आयुक्त को प्रार्थना पत्र भेजकर उन्हें मनरेगा के कामों में गड़बड़ी का चिट्ठा लिख भेजा था।
ग्राम विकास आयुक्त को भेजे प्रार्थना पत्र में उपरोक्त अनियमितताओं का हवाला देते हुए कहा गया कि मजदूरी भुगतान में फर्जीवाड़ा करने के लिए ग्राम प्रधान और रोजगार सेवक के घरवालों तथा रिश्तेदारों के भी जॉब कार्ड बनाए गए हैं। कई श्रमिकों की मौत के बाद भी उनकी हाजिरी लगाई गई। श्रमिकों के खातों में कब कितनी धनराशि आई और किसके हस्ताक्षर से भुगतान लिया गया, वास्तविक श्रमिकों को इस बारे में भी कोई जानकारी नहीं है।
शिकायतों की गंभीरता को देखते ग्राम विकास आयुक्त ने प्रकरण जांच के लिए मनरेगा सेल के संयुक्त आयुक्त राम नेवाज को भेजा। संयुक्त आयुक्त ने मनरेगा के जिला कार्यक्रम समन्वयक के नाते सीडीओ और डीएम को भेजे पत्रों में कहा है कि प्रकरण में सारे बिंदुओं की जांच कराते हुए अपने अभिमत के साथ निष्कर्षात्मक आख्या कृत कार्यवाही सहित तीन दिन के अंदर प्रेषित करें।