छावनी क्षेत्र के एमईएस कैंपस में खड़े जंगल से आए दिन पैना-गोविंदगंज के बीच 33केवी लाइन के तार टूटने से होने वाले बिजली फाल्ट से बहुत जल्द निजात मिल जाएगी। इस समस्या से निपटने के लिए पॉवर कारपोरेशन के अफसरों ने कार्यदायी संस्था एनकेजी के जरिए चिनौर से लेकर गोविंदगंज तक 33 केवी क्षमता की नई लाइन तैयार कर ली है। इससे शहर के लोगों को भरपूर बिजली मिल सकेगी और बिजली महकमा भी लाभान्वित होगा।
इसलिए जल्दी ठीक नहीं होते लाइन फाल्ट
वर्तमान में शहर के 33 केवी गोविंदगंज और बहादुरगंज सब स्टेशनों को पुवायां रोड स्थित पैना के 220 केवी ट्रांसमिशन पॉवर स्टेशन से बिजली मिल रही है। यह लाइन पैना से मऊ बासक से कैंट एरिया के एमईएस कैंपस होते हुए गोविंदगंज तक गई है। लाइन के कई पोल छावनी क्षेत्र में इमली रोड के एमईएस कैंपस में लगे हैं, जहां आम, नीम, शीशम, जामुन आदि के पुराने पेड़ों का जंगल खड़ा है। यही नहीं, मऊ बासक में इसी लाइन का एक पोल वहां की मस्जिद के अहाते में लगा है। मस्जिद के पोल में खराबी आने पर बिजली कर्मचारियों को फाल्ट ठीक करने के लिए नमाज पूरी होने के बाद वहां के इमाम से अंदर जाने की इजाजत लेनी पड़ती है। इसी तरह एमईएस कैंपस में फाल्ट ठीक करने के लिए बिजली अभियंताओं को छावनी क्षेत्र में ब्रिगेडियर ऑफिस से लेकर कैंट बोर्ड के सीईओ के चक्कर काटने पड़ते हैं। ऐसे में तार टूटने जैसे मामूली फाल्ट ठीक करने में घंटों लग जाते हैं।
रोड साइड में पेट्रोलिंग करना होगा आसान
लाइन फाल्ट ठीक करने में इस तरह की बाधाएं पड़ती देख विभाग ने करीब एक साल पहले पैना-गोविंदगंज लाइन का रूट बदलकर उसे मऊ बासक गांव और एमईएस कैंपस से हटाकर रोड साइड में नई लाइन तैयार करानी शुरू की। नई लाइन के तार एमईएस परिसर के बाहर रोड के समानान्तर डाली गई है। इस कारण आधी रात को भी फाल्ट होने पर उसे मौके पर जाकर तत्काल ठीक किया जा सकेगा। यही नहीं, कर्मचारी यह बहाना भी नहीं पाएंगे कि जंगल से गुजरी लाइन की खराबी दिन निकलने पर ठीक हो पाएगी।
उपभोक्ताओं के साथ ही विभाग की भी बल्ले-बल्ले
गोविंदगंज सब स्टेशन के लिए तैयार की गई नई लाइन लंबाई के लिहाज से वर्तमान पुरानी लाइन से आधी से भी कम है। गोविंदगंज सब स्टेशन के प्रभारी अवर अभियंता अलंकृत मिश्रा के अनुसार पैना से गोविंदगंज तक वर्तमान लाइन की लंबाई करीब नौ किमी है और रास्ता इतना दुरूह है कि मौसम खराब होने की दशा में पूरी लाइन चेक करना कठिन हो जाता है। इसके विपरीत चिनौर-गोविंदगंज के बीच नई लाइन बमुश्किल ढाई किमी लंबी है, और उस पर केवल 60 पोल चेक करने होंगे। लंबाई घटने से विभाग को लाइन लॉस जैसी हानियां कम होंगी और उपभोक्ताओं को भरपूर बिजली मिलने से विभाग का राजस्व भी बढ़ेगा।
नई लाइन पर बिजली लोड डालने के लिए सेना के ब्रिगेडियर और कैंट बोर्ड के सीईओ से क्लीयरेंस के लिए संपर्क किया जा चुका है क्योंकि लाइन का काफी हिस्सा सैन्य क्षेत्र में है। ओवरहेड निर्माण का कुछ काम शेष रह गया है, जिसके लिए मौके पर मशीन भेजी जाएगी। यह काम एक माह में पूरा होने की उम्मीद है। इसके तुरंत बाद लाइन को चिनौर में 132 केवी पॉवर स्टेशन और दूसरी ओर गोविंदगंज सब स्टेशन से कनेक्ट कर बिजली सप्लाई चालू कर दी जाएगी।
-मुनि चोपड़ा, एक्सईएन, वर्क्स डिवीजन, पॉवर कारपोरेशन