हिमांचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश और ओलावृष्टि से जिले में भी मौसम ने बुधवार को देर रात करवट बदल ली। आधी रात के बाद आसमान पर काली घटाएं घिरने लगीं। बृहस्पतिवार को तड़के आंधी के साथ बूंदाबांदी के बाद बारिश होने से पारा 10.4 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया। तापमान गिरने से भीषण गर्मी से हांफ रहे जनजीवन को काफी राहत मिली। गर्मी से कुम्हला रहीं फसलों को बरसात से जीवनदान मिलना तय माना जा रहा है। बता दें कि बीते दिन अधिकतम तापमान 37 डिग्री रिकार्ड किया गया था जो आज घटकर 26.6 डिग्री रह गया। रात में हुई बारिश के कारण न्यूनतम तापमान में बुधवार के सापेक्ष छह डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। इस कारण गर्मी से बेहाल जनजीवन को काफी राहत मिली। बारिश के कारण वातावरण में पैदा हुई नमी का साथ पाकर हवा भी ठंडी हो गई। हालांकि, दोपहर में धूप खिलने से उमस महसूस की गई, लेकिन दिन ढलने के बाद मौसम फिर से खुशगवार हो गया। गन्ना शोध परिषद के मौसम विज्ञानी डॉ. मनमोहन सिंह के अनुसार रात में 10.6 मिमी बारिश रिकार्ड हुई है। उन्होंने बताया कि मई मासान्त तक 69.8 मिमी अनुमानित औसत वर्षा के सापेक्ष अब तक 24 मिमी बारिश हो चुकी है। उन्होंने कहा कि बारिश और तापमान गिरने से सभी फसलों को लाभ होगा। बरसात से बागों मेें आम का साइज बढ़ेगा और अन्य फसलें भी तेजी से बढ़वार ले सकेंगी।
गन्ना के लिए साबित होगी अमृत की वर्षा
रबी सीजन की समाप्ति पर हुई बरसात गन्ना की फसल के लिए अमृत वर्षा साबित होगी। सब्जियों का फूल नहीं झड़ेगा और उनसे फल भी बनेंगे। मूंग, उड़द आदि दलहनी फसलों को तेजी से बढ़ने का मौका मिलेगा। जिन किसान भाइयों का गेहूं कटने के बाद खेत खाली हो चुके हैं, वे जुताई करके हरी खाद तैयार करने के लिए ढैंचा बीज की बुवाई कर सकते हैं। -डॉ. केएम सिंह, शस्य विज्ञानी, कृषि विज्ञान केंद्र