जिला अस्पताल में बेड मरीजों से फुल हैं। मरीजों को भर्ती करने की मारामारी चल रही है। वहीं मरीजों से अधिक तीमारदारों का जमघट अस्पताल में लगा हुआ है। इनकी वजह से अस्पताल में भर्ती मरीजों को काफी परेशानी का करना पड़ रहा है। तीमारदारों के अस्पताल में रुकने से चारों तरफ गदंगी फैल रही है। जिससे मरीजों में संक्रमण का खतरा बना हुआ है। अस्पताल प्रशासन तीमारदारों की भीड़ पर अंकुश नहीं लगा पा रहा है।
जिला अस्पताल में बुखार, डेंगू संभावित, टाइफाइड और वायरल के मरीजों की भरमार है। अस्पताल के सभी बेड फुल होने के बाद सौ अतिरिक्त बेड का इंतजाम किया गया था। वह भी मरीजों से भर गए हैं। मरीजों को भर्ती करने के लिए अस्पताल प्रशासन ने अतिरिक्त गद्दे का इंतजाम किया गया है। इमरजेंसी में मरीजों को जमीन पर गद्दा डालकर लिटाया जा रहा है। अस्पताल में भर्ती मरीजों से मिलने वाले तीमारदारों की भीड़ से अस्पताल प्रशासन और मरीज परेशान हैं। एक-एक मरीज के पास दस-दस तीमारदारों का जमघट लगा रहता है। इससे वार्ड में भर्ती अन्य मरीजों को काफी परेशानी होती है। इसकी वजह से मरीजों में संक्रमण फैलने का खतरा रहता है। अस्पताल प्रशासन तीमारदारों की भीड़ कम करने के लिए काफी जद्दोजहद करता है, लेकिन तीमारदार मानने को तैयार नहीं होते हैं। वह मरीजों के साथ ही अस्पताल में जमे रहते हैं। अस्पताल प्रशासन की तरफ से मरीजों को मिलने के लिए समय नियत किया गया है, लेकिन उसका कोई भी पालन नहीं करता है।
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तीमारदारों की भीड़ कम करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इनकी वजह से डॉक्टरों और अस्पताल के स्टाफ को मरीजों का इलाज करने में दिक्कत होती है। तीमारदारों की भीड़ कम करने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।
- डॉ. केशव स्वामी, सीएमएस