शाहजहांपुर में संबोधन करतीं मायावती।
बुधवार को बरेली मोड़ पर चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए बसपा सुप्रीमो मायावती ने मुस्लिमों और गरीब सवर्णों को साधने की कोशिश की। उन्होंने मुसलमानों को डराया भी और लुभाया भी। कहा, सपा-कांग्रेस को वोट दिया तो बेकार चला जाएगा। इसका सीधा फायदा भाजपा को होगा जो अल्पसंख्यकों का उत्पीड़न करेगी। पुत्रमोह में मुलायम सिंह ने अपने भाई शिवपाल का जो अपमान किया है, उससे सपा का परंपरागत वोट दो खेमों में बंटेगा। भाजपा सत्ता में आई तो आरएसएस का एजेंडा लागू करेगी। आरक्षण खत्म करेगी और सांप्रदायिकता को बढ़ावा देगी। प्रदेश में बसपा की सरकार बनने पर मुसलमानों को भी आर्थिक आधार पर आरक्षण देने की पहल होगी। बसपा सवर्ण गरीबों को भी आरक्षण देने की पक्षधर है। नोटबंदी पर पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मोदी के फैसले से 10 माह पहले ही भाजपा समेत पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और पूंजीपतियों का कालाधन ठिकाने लगा दिया गया। दाल में थोड़ा नहीं बहुत ज्यादा काला है। भाजपा ने अपने कार्यकाल में दलितों और आदिवासियों को आरक्षण नहीं दिया। पदोन्नति में आरक्षण को प्रभावहीन बना रखा है। आरक्षण खत्म होने पर कितने रोहित वेमुला और दयाशंकर कांड होंगे, सहज अनुमान लगाया जा सकता है। कहा, अल्पसंख्यकों से पक्षपात हो रहा है। अलीगढ़ के बाद जामिया मिलिया से अल्पसंख्यक संस्था का दर्जा छीनने की कोशिश हो रही है। इसी तरह भाजपा के तीन तलाक और कामन सिविल कोड में दखल देने से भी बसपा सहमत नहीं है। गोरक्षा, लव जेहाद, आतंकवाद के नाम पर अल्पसंख्यकों का उत्पीड़न कर उन्हें शक की निगाह से देखा जा रहा है। मिनी पंजाब की पहचान रखने वाले रुहेलखंड के तराई बेल्ट के सिखों के मन में व्याप्त भय की चर्चा करते हुए उन्होंने आश्वस्त किया कि बसपा की सरकार बनने पर किसी सिख की जमीन नहीं छीनी जाएगी। बसपा ने अपनी सरकार के कार्यकाल में तो भूमिहीनों को सरकारी जमीन के पट्टे दिए। अपने भाषण के अंत में उन्होंने जिले के सभी छह सीटों से पार्टी के प्रत्याशियों शहर से हाजी मो. असलम खां, ददरौल से रिजवान अली उर्फ भोले मियां, जलालाबाद से नीरज कुशवाहा, कटरा से राजीव कश्यप, तिलहर से अवधेश वर्मा और पुवायां से गुरबचन लाल को मंच पर बुलाकर जनता से उन्हें जिताने की अपील की। संचालन बसपा के बरेली मंडल के मुख्य जोन कोआर्डिनेटर ब्रह्मस्वरूप सागर ने किया। मंच पर मुख्य जोन कोआर्डिनेटर दिनेश कुमार, धर्मवीर सिंह, रामशरण सागर, रामलड़ैते कनौजिया, रामकुमार मौर्या, जिलाध्यक्ष उदयवीर सिंह मौजूद थे।
गठबंधन हल्के में, भाजपा का डर दिखाया
बसपा सुप्रीमो मायावती ने भाजपा के मुकाबले सपा-कांग्रेस गठबंधन को हल्के में लिया। बरेली मोड़ पर बुधवार को चुनावी सभा में 35 मिनट के भाषण में भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही ज्यादातर उनके निशाने पर रहे। वोटरों को ही नहीं पार्टी के कार्यकर्ताओं और समर्थकों को भी उन्होंने भाजपा का डर दिखाया। बसपा सुप्रीमो ने कहा कि भाजपा के लोग साम, दाम, दंड, भेद सभी हथकंडे आजमाते हैं। जरा सी भी चूक की तो भाजपा सत्ता में आकर सभी की जिंदगी को और ज्यादा कष्टदायी बना देगी। मायावती ने अपने संबोधन में अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं से खुलकर भाजपा से दूरी बनाए रखने और उसे रोकने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भाजपा के लोग देश की राजधानी दिल्ली में बैठकर सरकार चला रहे हैं, लेकिन उनके अधीन होने के बाद भी दिल्ली की कानून-व्यवस्था ठीक नहीं है। ऐसे में दिल्ली से कई गुना आबादी वाले यूपी को भाजपा सरकार कैसे संभालेगी, इसका अनुमान लगाया जा सकता है। भाजपा यहां सत्ता में आई तो अपराध बढ़ जाएंगे। अपने संबोधन की शुरुआत से ही भाजपा पर सीधा हमला करते हुए बसपा सुप्रीमो ने कहा कि भाजपा के पौने तीन साल के कार्यकाल की गलत नीतियों और क्रियाकलापों से यूपी की 22 करोड़ जनता बेहद नाराज है। इसी कारण भाजपा प्रदेश को मुख्यमंत्री का चेहरा देने की हिम्मत तक नहीं जुटा पाई। बसपा सुप्रीमो ने सपा-कांग्रेस गठबंधन को यह कहकर आड़े हाथ लिया कि प्रदेश में 37 साल और केंद्र में 54 साल तक अकेले राज करने वाली कांग्रेस अपनी गलत नीतियों की वजह से केंद्र और देश के कई राज्यों में सत्ता से बाहर हो चुकी है। कांग्रेस ने अपने उसूल ताक पर रखकर यूपी में ऐसी पार्टी से गठबंधन किया है जो अराजकता और जंगलराज का पर्याय मानी जाती है। अब जनता को तय करना है कि वह इस गठबंधन के दागी चेहरों को वोट देगी या कानून का राज कायम करने वाली बसपा को।