शाहजहांपुर। कांट थाना क्षेत्र के अकर्रा रसूलपुर गांव निवासी शिवम वर्मा की 22 वर्षीय पत्नी एकता वर्मा की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। मायके वालों ने हत्या का आरोप लगाते हुए हंगामा कर किया। आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए परिजनों ने शव को फंदे से उतारने नहीं दिया। परिजनों ने कांट-जलालाबाद हाईवे पर जाम लगा दिया। कुछ राहगीरों से मारपीट की गई। पुलिस के कार्रवाई के आश्वासन पर करीब डेढ़ घंटे बाद जाम खोला गया।
थाना सदर बाजार क्षेत्र के मऊ वासक गांव निवासी प्रेमचंद ने बताया कि पिछले साल 10 जुलाई को बहन एकता की शादी शिवम के साथ की थी। बहनोई जमौर में एक फैक्टरी के पास सब्जी व परचून की दुकान चलाता है। बहन की ससुराल वाले दहेज के लिए बहन को परेशान करते थे। अभी कुछ माह पूर्व ही भैंस बेचकर व खेत गिरवी डालकर बहनोई को दीपावली के बाद एक लाख रुपया दिया था।
बहनोई की बीमारी में भी उधार लेकर रुपये दिए थे। अब शिवम बाइक व व्यापार के लिए 50 हजार रुपये की मांग कर रहा था। आरोप है कि बृहस्पतिवार रात शिवम ने बहन के साथ मारपीट की और उसे नीचे कमरे में फंदे से लटका दिया। इसके बाद सभी घर से भाग गए। एक रिश्तेदार की सूचना पर शुक्रवार की सुबह करीब आठ बजे बहन के घर पहुंचे।
उसके कमरे में सामान बिखरा पड़ा था। इसके बाद नीचे आकर देखा तो एक कमरे की बाहर से कुंडी लगी थी। मोबाइल की टार्च से खिड़की से अंदर देखा तो बहन साड़ी के फंदे से लटकी हुई थी। उसके पैर जमीन से टिके हुए थे। परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद तहसील जाकर तहरीर लिखवाकर लाए।
चौकी पर गए तो सही तरीके से उनसे बात नहीं की गई। आरोप है कि पुलिस उन्हें इधर-उधर दौड़ाती रही। इससे परिजन भड़क गए। परिजनों ने इस बीच पहुंची प्रशासनिक अधिकारी की एक न सुनी और शव को कमरे में लटका रहने दिया। दिन में करीब एक बजे कांट-जलालाबाद हाईवे पर जाम लगा दिया।
करीब एक घंटा पुलिस हाईवे पर नहीं पहुंची। पुलिसकर्मी गांव में मौजूद चंद लोगों को मनाती रही। इसके बाद जब थाना प्रभारी राकेश मौर्य पहुंचे तो वह केवल वीडियो बनाते रहे। फिर कुछ गणमान्य लोगों ने दिन में करीब 02:30 बजे किसी तरह जाम खुलवाया। एकता का शव 12 घंटे से अधिक कमरे में ही लटका रहा।
दिन में करीब तीन बजे शव को नीचे उतारा गया। दो बार फॉरेंसिक टीम भी जांच के लिए पहुंची लेकिन उसे लौटा दिया गया। सीओ सदर प्रयांक जैन ने बताया कि प्रेमचंद की तहरीर पर पुलिस ने बहनोई शिवम, उसके पिता भगवानदास, उसकी मां गीता, बहन वैशनवी, आशा देवी पर हत्या की एफआईआर दर्ज कर ली है। आरोपियों की तलाश में टीम लगा दी गई है।
भाई दूज पर बहन को नहीं भेजा था घर
प्रेमचंद ने बताया कि बहनोई बहन को काफी परेशान कर रहा था। बहनोई ने भाई दूज पर बहन को घर पर नहीं भेजा था। कहने पर गालियां दीं थीं। प्रेमचंद ने बताया कि दो-तीन माह पूर्व बहनोई के घर आए तो उसने बाइक तोड़ दी थी। प्रेमचंद्र ने बताया कि बृहस्पतिवार की पूर्वाह्न 11 बजे बहन से फोन पर बात हुई थी। वह परेशान लग रही थी। बहन से पूछा भी था, लेकिन बहनोई के पास खड़ा होने के कारण वह कुछ बोल नहीं पाई। एकता तीन भाई-बहनों में बड़ी थी। बहन कोमल, मां धनदेवी का रो-रोकर हाल बेहाल हो गया है।
जाम में फंसी सिटी मजिस्ट्रेट की गाड़ी, राहगीरों में मारपीट
स्टेट हाईवे पर चार-पांच किलोमीटर लंबा जाम लग गया। इससे आम जनमानस को परेशानियों का सामना करना पड़ा। इस दौरान जाम में सिटी मजिस्ट्रेट की गाड़ी भी फंसी रही। जाम खुलने पर ही सिटी मजिस्ट्रेट की गाड़ी निकल सकी। अकर्रा रसूलपुर गांव के मोड़ पर परिजनों ने जाम लगाकर कांट-जलालाबाद हाईवे जाम कर दिया तब लालपुर गांव की ओर से कुछ लोग निकल जा रहे थे। तब परिजनों ने वहां पर भी जाम लगा दिया। वाहनों के आगे लेट गए। गांव के लोगों को दिक्कत हुई तो उन्होंने टोका। इस बीच राहगीरों के बीच मारपीट हो गई। एक युवक ने ईंट उठाई तो मामला बढ़ गया। फिर कुछ लोगों ने मामला शांत किया।
एकता का फाइल फोटो। स्रोत: परिजन
एकता का फाइल फोटो। स्रोत: परिजन
एकता का फाइल फोटो। स्रोत: परिजन
एकता का फाइल फोटो। स्रोत: परिजन
एकता का फाइल फोटो। स्रोत: परिजन
एकता का फाइल फोटो। स्रोत: परिजन
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