निगोही। कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाने के लिए सभी की रजामंदी से थानाध्यक्ष ने बिना-गाजे बाजे के साथ विधवा भाभी की उसके देवर से शादी करा दी गई। इस दौरान वर-वधू को दान दक्षिणा भी दी गई।
क्षेत्र के गांव हमजापुर निवासी जागेश्वर दयाल वर्मा का माह जून में निधन हो गया था। इससे उसके पांच बच्चों और पत्नी धनवती के आगे खाने- पीने की मुसीबत खड़ी हो गई। ऐसे में परिवार और गांव वालों ने सोचा धनवती के देवर प्रदीप कुमार से शादी करा दी जाए। शादी का समय होली से पहले तय हुआ था लेकिन किसी वजह से होली में शादी नहीं हो पाई। दोबारा शादी की प्लानिंग की, इसी बीच कोरोना की वजह से पूरे देश को लॉकडाउन कर दिया गया। इससे धनवती के आगे बच्चों का पालन पोषण करने के लिए दिक्कतें आने लगी। धनवती ने निगोही थाने पहुंचकर परेशानी थानाध्यक्ष इंद्रजीत भदौरिया को बताई। धनवती की परेशानी को सुनकर थानाध्यक्ष ने धनवती के ससुराल वालों से शादी के लिए बात की। ससुराल वाले राजी हो गए लेकिन लॉकडाउन की वजह से धनवती के मायके वाले नहीं आ सके तो थानाध्यक्ष ने कहा कि कन्यादान हम करेंगे। दोनों वर वधू को थाने बुलाकर प्रदीप और धनवती की जयमाला डलवाकर शादी करा दी। कन्यादान थानाध्यक्ष निगोही ने किया और अपने पास से खर्चे के लिए धनवती को नगद राशि भी दी और दोनों को मिठाई खिलाकर अपनी थाने की गाड़ी से विदा कराकर उनके गांव हमजापुर पहुंचा दिया।
कोरोना वायरस जैसी भयंकर महामारी की वजह से लगाए गए लॉकडाउन में क्षेत्र की जनता के हर तरीके से साथ में हैं। किसी को भी कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी। सभी लोग लॉकडाउन का पालन करें। अपने घरों से बाहर न निकलें, जिसको कोई परेशानी हो बताए।
इंद्रजीत भदौरिया, थानाध्यक्ष