खुदागंज। रामलीला मैदान की चहारदीवारी तोड़े जाने के विरोध में नगर के सभी बाजार शुक्रवार को दूसरे दिन भी बंद रहे। इसके साथ ही भाजपा नेताओं के अलावा हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ता, व्यापारी और आम नागरिक धरने पर डटे रहे। इस बीच, आंदोलनकारियों से वार्ता करने के लिए एसडीएम नीलिमा यादव और सीओ विदुष सक्सेना ने धरनास्थल पर जाकर वहां मौजूद लोगों से कई दौर की वार्ता की, लेकिन आंदोलनकारी क्षतिग्रस्त चहारदीवारी की मरम्मत और दोषियों पर कार्रवाई की मांग पूरी होने तक धरना खत्म करने के लिए राजी नहीं हुए।
धरनास्थल पर पहुंचे दोनों अधिकारियों ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेने के बाद मौके पर जाकर चहारदीवारी के तोड़े गए हिस्से का जायजा लिया। उन्होंने दूसरे पक्ष के नरेंद्र सिंह को भी बुलाकर दोनों पक्षों की बात सुनी। इसके बाद अधिकारियों ने दोनों पक्षों को थाना परिसर में बैठकर बातचीत करने का प्रस्ताव दिया, लेकिन धरने पर बैठे लोगों ने साफ कहा कि वार्ता केवल धरनास्थल पर ही होगी।
इस दौरान विहिप के जिला सहमंत्री गुरपाल सिंह ने कहा कि रामलीला मैदान हजारों लोगों की धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत का केंद्र है। उन्होंने कहा कि न्यायपूर्ण कार्रवाई होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
धरनास्थल से अधिकारियों के लौटने के बाद भाजपा नेत्री सुरभि सिंह और जिला पंचायत सदस्य के प्रतिनिधि राजेश सिंह चौहान ने वहां जाकर मांगों का समर्थन कर आंदोलनकारियों का उत्साह बढ़ाया। इस मौके पर नगर पंचायत के पूर्व चेयरमैन सुधीर सिंह ने कहा कि कुछ लोगों ने क्षेत्र की शांति एवं सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने की नीयत से रामलीला मैदान की प्राचीन दीवार को ध्वस्त कर दिया, लेकिन धार्मिक आस्था से जुड़े इस ऐतिहासिक स्थल की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा।
व्यापारियों ने शनिवार को भी आंदोलन जारी रखने का एलान किया। धरना-प्रदर्शन में संजीव गुप्ता, सौरभ गुप्ता, विश्वमोहन बंसल, बालकृष्ण राठौर, राजीव कश्यप, अंशु जैन, आरएसएस के जिला कार्यवाह रोहित सिंह आदि शामिल रहे। एसडीएम ने बताया कि मामले में सभी पहलुओं का ध्यान रखा जा रहा है। यथास्थिति बनाए रखी जाएगी।
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शांतिपूर्ण तरीके से निकाला पैदल मार्च
खुदागंज। धरना-प्रदर्शन कर रहे आंदोलनकारियों ने शुक्रवार की शाम नगर के कई मार्गाें से शांतिपूर्ण पैदल मार्च निकाला। पैदल मार्च में हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं के अलावा व्यापारी, रामलीला कमेटी और अन्य सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी, युवा और आम नागरिक शामिल रहे। यह सभी हाथों में जय श्रीराम के नारे की तख्तियां लेकर रामलीला मैदान बचाओ के नारे लगाते हुए चल रहे थे। संवाद