बरसात की वजह से पहाड़ी इलाकों से सब्जियों की आवक रोजा मंडी में एकाएक घट गई है। इससे सब्जियों के दाम चढ़ने लगे हैं। टमाटर, गोभी, मटर आदि स्थानीय स्तर पर उगाई जाने वाली सब्जियां बाजार में खपने के बाद टमाटर, आलू, गोभी, हरा धनिया की आपूर्ति अभी तक अमरोहा, हल्द्वानी, रामनगर आदि स्थानों से होती रही। पहाड़ समेत मैदानी क्षेत्रों में बारिश से फसलें खराब होने से 20 रुपये किलो वाला टमाटर 60 से 80 रुपये और खीरा 30 से 40 रुपये में बिक रहा है।
सर्दियों की सब्जी में शामिल टमाटर की खेती बड़े पैमाने पर जिले में भी होती है। इसके अतिरिक्त शहर समेत सेहरामऊ दक्षिणी क्षेत्र में खीरा, बैगन, तोरई, कद्दू, परवल आदि सब्जियों की पैदावार होती है। मार्च, अप्रैल तक स्थानीय बाजारों में ये सब्जियां आने से उनके दाम सामान्य रहते हैं। बाद में सब्जी कारोबारी पहाड़ समेत अन्य शहरों से होने वाली आवक पर निर्भर हो जाते हैं।
टोमेटो प्यूरी पैकेट की बाजार में बढ़ी मांग
टमाटर के भाव आसमान पर जाने के साथ ही बाजार में पैक्ड टोमेटो प्यूरी की डिमांड बढ़ गई है। सदर बाजार स्थित नरेश कंफेक्शनर्स के संचालक नरेश कौशल के अनुसार 25 रुपये में मिलने वाले 200 एमएल के टोमेटो प्यूरी पैकेट से पांच-छह लोगों के मध्यवर्गीय परिवार में दो टाइम काम चल जाता है, लेकिन मांग बढ़ने के साथ छोटी पैकिंग की बाजार मेें कमी पड़ने लगी है।
15 दिन पूर्व और वर्तमान में सब्जियों के खुदरा भाव
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सब्जी पूर्व दरें वर्तमान दरें (रुपये प्रति किलो)
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आलू पुराना 5-6 8-10
आलू नया 15-20 20-25
टमाटर 10-15 60-80
गोभी 50-60 60-80
प्याज 10-15 15-20
लहसुन 50-60 60-80
शिमला मिर्च 25-30 50-60
भसीड़ा 30-40 50-60
हरी धनिया 40-50 60-80
तोरई 15-20 25-30
अरबी 25-30 30-40
पातगोभी 25-30 30-40
कटहल 15-20 25-30
बैंगन 8-10 15-20
(सब्जियों के भाव रोजा मंडी और बहादुरगंज छोटी सब्जी मंडी से लिए गए हैं)
सब्जी आढ़तियों की बात: उन्हीं की जुबानी
बरसात होने के कारण आलू की आवक कम हुई है। यहां बाहरी मंडियों से आलू नहीं आता है। कोल्ड स्टोरेज का आलू आ रहा है, जिसे किसान अभी निकाल नहीं रहे हैं। इसीलिए आलू में उछाल आया है।
- यासीनउल्ला खां, थोक सब्जी विक्रेता, रोजा मंडी
रोजा मंडी में प्याज इंदौर (मध्य प्रदेश) से आ रहा है। जीएसटी से माल भाड़े में वृद्धि हुई है। इससे प्याज के भाव उठे हैं। लोकल प्याज की आवक नहीं आ रही है। नासिक से प्याज की आवक न के बराबर है।
- विजय कश्यप, थोक व खुदरा व्यापारी, रोजा
लोकल स्तर से देशी टमाटर की आवक बंद हो चुकी है। जो टमाटर आ रहा है, वह अमरोहा और प्रदेश के अन्य भागों से मंगाया जा रहा है। इस वजह से टमाटर के भावों में जबरदस्त उछाल आया है। इसका असर अन्य सब्जियों पर भी महंगाई के रूप में देखने को मिल रहा है।
- विनोद गुप्ता, थोक एवं फुटकर विक्रेता, रोजा
फुटकर विक्रेताओं की बात: उन्हीं की जुबानी
रोजा मंडी में टमाटर की बोली बहुत ऊंची जा रही है। इसीलिए मजबूरी में फुटकर दाम बढ़ाने पड़ रहे हैं। टमाटर का भाव बताने पर ग्राहक जल्दी हाथ नहीं लगाते।
- शकील, छोटी सब्जी मंडी
धनियां, पालक, टमाटर, खीरा, लौकी, कद्दू आदि जमीन पर फैलने वाली सब्जियां बरसात से खराब होने लगी हैं। थोक मंडी में नीलामी बोली इसीलिए ऊंची जा रही है।
- अशोक कुमार, बहादुरगंज मंडी
बच्चों का पेट पालने के लिए कुछ तो मुनाफा कमाना पड़ेगा। ग्राहक भाव बताने पर उखड़ने लगते हैं क्योेंकि उन्हें थोक मंडी का हाल नहीं पता है। थोक दाम कम होने पर सब्जियां फिर सस्ती हो जाएंगी।
- मनोज कुमार, छोटी सब्जी मंडी