शाहजहांपुर। खरीफ विपणन वर्ष की शुरुआत हुए शनिवार को चार दिन बीत गए, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में प्रस्तावित धान क्रय केंद्र अब तक नहीं खुल सके हैं। जहां क्रय केंद्र खोले जाने हैं, वहां न तो केंद्र प्रभारी दिख रहे हैं और न ही वहां बैनर, कांटा, बारदाना आदि सामान पहुंचा है। मंडियों में भी केवल बैनर टंगे हैं। ऐसे में मंडियों में दूर बसे गांवों से उपज लेकर आने वाले किसानों से गल्ला आढ़ती नमी बताकर औने-पौने दामों पर धान की खरीद कर रहे हैं।
सरकार ने धान का समर्थन मूल्य 2369 से 2379 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया है, लेकिन आढ़ती 1650 से 1700 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से धान की खरीद कर रहे हैं। कुर्रियाकलां में धान की सरकारी खरीद के लिए कुटरा और मझारी गांव में दो क्रय केंद्र प्रस्तावित हैं, लेकिन शनिवार को दिन में एक बजे पड़ताल करने पर दोनों केंद्र बंद मिले।
केंद्र प्रभारियों ने बताया कि अभी धान की गुणवत्ता जांचने, तौल करने और भुगतान प्रक्रिया को सुरक्षित बनाने के लिए ई-पाॅश मशीन समेत अन्य सामान नहीं मिल सका है। मीरानपुर कटरा में गत वर्षों की तरह इस बार भी नगर क्षेत्र ओर आसपास के किसानों से धान की सरकारी खरीद के लिए कोई क्रय केंद्र नहीं खोला गया है। मिर्जापुर क्षेत्र में चार केंद्र प्रस्तावित हैं, लेकिन वहां अभी कांटा, बारदाना, स्टेशनरी आदि सामान नहीं पहुंचने के कारण खरीद शुरू होने में कई दिन लगने के आसार हैं।
कागजों में सिमटा चांदपुर क्रय केंद्र का अस्तित्व
चांदपुर। यूपीएसएस की ओर से स्थानीय साधन सहकारी समिति में धान क्रय केंद्र लगाया जाना है, लेकिन चार दिन बीतने पर शनिवार को भी यहां केंद्र का नामोनिशान तक नहीं दिखा। न तो बैनर टांगा गया था और न ही कांटा, बारदाना, चलना आदि सामान पहुंचा था। समिति के सचिव मनोज यादव के अनुसार खरीदे जाने वाले धान के परिवहन को अभी हैंडलिंग का ठेका तक नहीं हो सका है। संवाद
कांट के सभी पांच सेंटरों पर दिनभर रहा सन्नाटा
कांट। ब्लॉक में धान खरीद के लिए पांच धान क्रय केंद्र मंजूर हुए हैं। शनिवार को भी यहां खरीद से जुड़ी व्यवस्थाएं पूरी नहीं हो सकीं। कई किसानों ने बताया कि अब तक उनके ऑनलाइन पंजीकरण का सत्यापन नहीं हो सका, इसलिए धान लेकर बाद में आने के लिए कहा जा रहा है। संवाद
सरकारी क्रय केंद्रों के बाहर आढ़ती कर रहे धान की तौल
रोजा। मंडी समिति में खोले गए सरकारी क्रय केंद्रों पर शनिवार को कोई खरीद नहीं हुई। जबकि आढ़तियों के यहां जमकर धान बिका। यहां क्रय केंद्रों पर बैनर टांग दिए गए हैं, लेकिन सन्नाटा पसरा हुआ है। क्षेत्रीय विपणन अधिकारी राम कैलाश सोनकर ने बताया कि इन दिनों धान में नमी की मात्रा 21 से 27 फीसदी तक हैं। मानक के अनुरूप नमी 17 फीसदी तक ही मान्य हैं। इसी कारण किसान अभी धान क्रय केंद्रों पर नहीं ला रहे हैं। संवाद
लापरवाही : कई सेंटरों के प्रभारी ही नियुक्त नहीं
पुवायां। केंद्र प्रभारियों की ओर से बताया गया कि नमी ज्यादा होने के कारण फिलहाल धान की तौल नहीं की गई है। जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही का आलम यह है कि आरएफसी की ओर से पुवायां मंडी के केंद्र नंबर एक और तीन, बंडा मंडी के नौ, दस, 11 और 12 नंबर केंद्र पर अब तक प्रभारियों की नियुक्ति ही नहीं की जा सकी है। एसडीएम ने बताया कि प्रभारियों की नियुक्ति नहीं होने की जानकारी सामने आई है। संबंधित अधिकारियों से वार्ता कर जल्द नियुक्ति कराई जाएगी। शनिवार को एसडीएम चित्रा निर्वाल ने पुवायां मंडी में लगे धान क्रय केंद्रों का निरीक्षण किया। मंडी में टिनशेड पर लगे सेंटरों पर धान के बोरे लगे होने पर एसडीएम ने मंडी के अधिकारियों को उन्हें खाली कराने के निर्देश दिए। संवाद
तिलहर : एडीएम ने धान में नमी की जांच कराई
एडीएम प्रशासन रजनीश मिश्रा ने शनिवार को मंडी समिति में प्रस्तावित धान क्रय केंद्रों पर खरीद की तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने किसानों के सामने उनकी उपज की नमी की जांच कराई। नमी निर्धारित मानक से अधिक पाए जाने पर उन्होंने किसानों को उचित मूल्य दिलाने के लिए मंडी गेट पर धान की नीलामी बोली की प्रक्रिया शुरू कराने के आदेश दिए। संवाद
किसानों की बात
क्षेत्र में कोई धान क्रय केंद्र नहीं होने से धान को कोई भी राइस मिल मालिक 1600 रुपये प्रति क्विंटल से ज्यादा भाव पर खरीदने के लिए तैयार नहीं है। हमें 150 क्विंटल धान की बिक्री करनी है।
-विकास मिश्रा, पलिया दरोबस्त, मीरानपुर कटरा
अल्हागंज में धान क्रय केंद्र नहीं खोलने का कारण समझ से परे है। प्रशासन को इसके लिए जल्द व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि किसानों का शोषण नहीं हो।
-संतोष सिंह, नगला हलू, अल्हागंज
तीन एकड़ धान काटकर कई दिन पहले रख लिया, लेकिन सरकारी खरीद नहीं होने से सही दाम नहीं मिल सका। अभी चार एकड़ से अधिक धान खेतों में है। खरीद शुरू होने पर ही उसे कटवाएंगे।
-अंकित कुमार, कुर्रियाकलां
अभी धान में नमी है इसलिए मोटा धान दो-चार दिन के बाद आना शुरू होगा। किसान अभी महीन धान आढ़तों पर बिक्री कर रहे हैं। किसानों को क्रय केंद्र पर धान बेचने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
चांदपुर स्थित धान क्रय केंद्र पर नहीं टांंगा गया बैनर। संवाद