तिलहर ब्लॉक के सोलह गावों में मनरेगा से संबंधित कार्यों में सोशल आडिट टीम द्वारा धनराशि का दुरुपयोग पकड़े जाने के मामलों की जांच के लिए सीडीओ डॉ. राम मनोहर मिश्रा ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित कर दी है। यह कमेटी विभिन्न कामों में सोशल ऑडिट टीम द्वारा पाई गई कमियों की तकनीकी जांच करेगी।
उल्लेखनीय है कि सोशल ऑडिट टीम की ब्लॉक कोआर्डिनेटर लज्जावती ने क्षेत्र के गांव पुरायूं, ढकिया रघा, अजमाबाद बिहारीपुर, बरखेड़ा हवेली, चौढ़ेरा चौढ़ेरी, मोहनपुर परसेला, जन्यूरी, बथुई अक्का, बिरगिंपुर, पिथनापुर, सुल्तानपुर, मिल्कीपुर, बिहारीपुर मुड़िया, ख्वाजा सरायं उर्फ सरैंया, छकड़ापुर और खड़खड़ी में टीम सदय भेजकर मनरेगा के कामों में करीब 16 लाख रुपये की गड़बड़ी पाई थी। इस धनराशि की रिकवरी कराने की संस्तुति के विरोध में संबंधित ग्राम प्रधानों ने शुक्रवार को तिलहर तहसील मुख्यालय पर प्रदर्शन किया था।
ग्राम प्रधानों के गुस्से को देखते सीडीओ ने शनिवार को उपरोक्त सभी गावों में मनरेगा के कामों की तकनीकी जांच कराने का निर्णय लिया। साथ ही डीडीओ प्रेम प्रकाश त्रिपाठी को टेक्निकल कमेटी गठित करने के निर्देश दिए। सीडीओ के अनुसार पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन (प्रांतीय खंड) आरके सिंह की अध्यक्षता में गठित जांच कमेटी तिलहर के खंड विकास अधिकारी और वहां के नोडल अफसर (मनरेगा) को शामिल किया गया है।
सीबीआई को उपलब्ध कराया ब्योरा
‘जिले में वित्त वर्ष 2007-08, 08-09 और 09-10 में मनरेगा के तहत कराए गए सभी कामों का ब्योरा सीबीआई को पहले ही उपलब्ध कराया जा चुका है। भविष्य में सीबीआई टीम जांच में जो भी अभिलेख चाहेगी, उपलब्ध कराए जाएंगे। टेक्निकल कमेटी की रिपोर्ट में सोशल ऑडिट टीम द्वारा पाई गई गड़बड़ियां सत्यापित होने पर संबंधितों के खिलाफ उचित कार्यवाही की जाएगी।’
-डॉ. राम मनोहर मिश्रा, सीडीओ