शाहजहांपुर के गढ़िया रंगीन थाना क्षेत्र में कार सवार शख्स की गोली लगने से मौत हो गई। भतीजे पर गोली मारने का आरोप लगा है। मामला जमीन विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम भेजकर जांच शुरू कर दी है।
शाहजहांपुर के गढ़िया रंगीन थाना क्षेत्र के खमरिया गांव निवासी वीरेश (45 वर्ष) की रविवार दोपहर गोली मारकर हत्या कर दी गई। साथ मौजूद भतीजे प्रशांत ने अपने ही दो भाइयों व पिता समेत अन्य पर आरोप लगाया है। प्रशांत का कहना है कि वह कार से चाचा के साथ जलाभिषेक करने के लिए जा रहा था। रास्ते में स्कार्पियो और थार गाड़ी से टक्कर मारी गई और फिर गोली चलाई गई। वाहनों में टक्कर से वीरेश के दो अन्य भतीजे समेत पांच लोग घायल हुए हैं।
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पुलिस के अनुसार, वीरेश कई साल से शाहजहांपुर में रह रहे थे। वहीं उनके साथ बड़े भाई अवधेश का बड़ा बेटा प्रशांत भी रह रहा था। कुछ दिन पूर्व वीरेश ने खमरिया गांव में खरीदी गई जगह पर फ्लोर मिल लगाई थी। अवधेश चाहते थे कि वीरेश उनके अन्य बेटों के नाम भी जमीन कर दे। इसी को लेकर उनका विवाद चल रहा था।
आरोपी ने सिर में मारी गोली
रविवार की सुबह वीरेश कार से गांव गए। फिर भतीजे प्रशांत, सुरजीत, गांव के रामरहीस, नत्थू सिंह व हवलदार को लेकर गोगेपुर गांव में स्थित मंदिर में महाशिवरात्रि पर जलाभिषेक के लिए जा रहे थे। प्रशांत का कहना है कि तभी रास्ते में कुछ लोगों ने उन पर हमला किया। घायल प्रशांत ने बताया कि वीरेश की कार खाई में पलटने के बाद वीरेश को बाहर खींचकर पहले सरिया से वार किया और फिर सिर में गोली मारी दी। इससे उनकी वहीं मौत हो गई।
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कार में सवार अन्य लोगों को पीटने के बाद हमलावर भाग गए। हमलावरों में प्रशांत ने अपने दो भाई व पिता को भी शामिल बताया है। एसपी राजेश द्विवेदी ने बताया कि मामला जमीन के विवाद का है। गोली मारने वाला भतीजा बताया गया है। तहरीर प्राप्त होने पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
घायल बोले- गोली किसने मारी, हम लोगों ने नहीं देखा
घटना में घायल हुए रामरहीस व नत्थू सिंह का सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो रहा है। हालांकि संवाद न्यूज एजेंसी वायरल हुए वीडियो की पुष्टि नहीं करती है। वीडियो में रामरहीस कह रहे हैं कि वीरेश शहर में कारखाना चलाते थे। उसने वहां खूब कमाया और जमीन खरीदी। वह भतीजे प्रशांत को अपने ही साथ रखते थे। किसी और को कुछ देना नहीं चाहते थे। रविवार को वीरेश गांव आए और उन्हें साथ लेकर गोगेपुर शिव मंदिर जलाभिषेक के लिए ले जा रहे थे।
रास्ते में उनके ही पारिवारिक लोगों ने हमला किया। उन्हें भी पीटा। गोली किसने मारी, यह नहीं देखा। यही बात घायल नत्थू सिंह ने कही। तीसरा घायल बोला-हम तो बेहोश हो गए थे। किसने गोली मारी। हमें नहीं पता। पुलिस ने हादसे में क्षतिग्रस्त थार, स्कॉर्पियो, कार को अपने कब्जे में ले लिया है।
संपत्ति के विवाद में गई जान, एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप
गढ़िया रंगीन थाना क्षेत्र के खमरिया गांव निवासी वीरेश की हत्या के मामले में उनके भतीजे प्रशांत ने अपने पिता और दो भाइयों पर हत्या का आरोप लगाया है। राजकीय मेडिकल कॉलेज में प्रशांत ने बताया कि वह जल चढ़ाने के लिए जा रहा था। आरोप लगाया कि सामने से आई थार कार ने उनकी कार में टक्कर मार दी। उसमें उसके दो भाई बैठे हुए थे। उनका कहना है कि इसके बाद साइड से आई स्कॉर्पियो के चालक ने कार में टक्कर मार दी। आरोप लगाया कि उसमें उनके पिता बैठे थे। आरोप लगाया कि इसके बाद कार से चाचा को उतारकर उनको पीछे से सरिया मार दिया गया। इसके बाद एक भाई ने पीठ व दूसरे ने सिर पर गोली मार दी।
प्रशांत ने बताया कि चाचा की जमीन का विवाद था। चाचा जमीन छोड़कर उसके साथ रहने लगे थे। इसी बात से भाई खुन्नस रखते थे। प्रशांत के अनुसार, उसने एक व्यक्ति से रुपया लेकर 30 लाख का खमरिया में बाग लिया था। बाग पिता के नाम कराया था। पिता ने कहा था कि रुपया निपटा देंगे। बाद में मना कर दिया। आरोप है कि उसका रुपया व जेवर भी हड़प लिया गया। जमौर में भी एक फ्लोर मिल ली है।
इधर, मृतक वीरेश के भाई अवधेश का कहना है कि भाई वीरेश उसके बड़े बेटे प्रशांत के साथ रहते थे। संपत्ति का विवाद था। कुछ साल पूर्व उनके पांचों बेटे गाजियाबाद की एक फैक्टरी में काम करते थे। प्रशांत ने एक करोड़ की संपत्ति बनाई और अपने नाम करा ली। उसी दिन से भाइयों में मनमुटाव हो गया। हम हमेशा झगड़ा करने से रोकते रहे। पिता की मौत के बाद भाई वीरेश को हमने ही पाला था। गांव के कुछ लोगों ने वीरेश का साथ दिया है। खंती में गिरी कार में वीरेश दब गया। हमने ही उसे निकाला।