जलालाबाद में संत सम्मेलन में प्रवचन के दौरान मौजूद श्रद्धालु। संवाद
जलालाबाद। अखिल भारतीय सोअहम महामंडल के पीठाधीश्वर स्वामी सत्यानंद महाराज ने कहा है कि सत्संग, सत्कर्म करने का उत्तम साधन है। उन्होंने कहा कि सत्संग से प्रेरित होकर मनुष्य सत्कर्मों की ओर बढ़ते हुए अपनी जीवन रूपी नैया पार लगा सकता है।
वह नगर के सोअहम आश्रम में चल रहे संत सम्मेलन में शुक्रवार को श्रद्धालुओं के समक्ष प्रवचन दे रहे थे। बोले कि सत्संग के माध्यम से हम अपनी संस्कृति, धर्म तथा सत्कर्मों से जुड़कर आने वाले भविष्य व पीढ़ी को उत्तम चरित्र वाला व प्रभावशाली बना सकते हैं। उन्होंने गंगा मैया की महत्ता बताते हुए कहा कि वह जीवनदायिनी और मोक्ष को प्राप्त कराने वाली हैं। इसलिए गंगा को स्वच्छ और निर्मल बनाए रखने का दायित्व हम सभी का है।
उन्होंने श्रद्धालुओं को लालच, अहंकार व अनाचार से सदैव दूर रहने की सीख दी। इस मौके पर स्वामी प्रीतमदास ने रामचरितमानस की विभिन्न चौपाइयों के माध्यम से सीता माता की पवित्रता और हनुमान जी की महिमा का बखान किया। स्वामी प्रणवानंद, स्वामी भागवतानंद, स्वामी सच्चिदानंद आदि ने भी उपस्थित श्रद्धालु श्रोताओं का जीवन के विविध पहलुओं पर मार्गदर्शन किया। अंत में वेदप्रकाश गुप्ता, आशीष गुप्ता, विनोद गुप्ता, राधे श्याम, राधा कृष्ण,किरनेश प्रधान, योगेश गुप्ता, सोनेलाल, निखिल गुप्ता, सुनयना गुप्ता आदि ने आरती उतारी और सभी को प्रसाद वितरित किया।
जलालाबाद में संत सम्मेलन में प्रवचन के दौरान मौजूद श्रद्धालु। संवाद