लापरवाही : बहू को भर्ती कर लिया होता तो यह दिन नहीं देखना पड़ता
राजकीय मेडिकल कॉलेज में रात के समय काफी अव्यवस्था रहती है। खासतौर पर महिला अस्पताल में अधिकारियों के निगरानी न करने से डॉक्टर ड्यूटी से नदारद रहते हैं। बहुत इमरजेंसी पड़ने पर कॉल करने पर उपलब्ध होते हैं। ऐसे में स्टाफ भी मरीजों को टरकाता रहता है। सेवाराम ने बताया कि बेटे की मौत के एक घंटे बाद बहू ने ऑपरेशन से एक बेटे को जन्म दिया है। बहू को बेटे की मौत की जानकारी नहीं दी गई है। कुछ समझ में नहीं आ रहा कि यह बात बहू को कैसे बताएं, लेकिन बहू बार-बार अपने पति के बारे में पूछ रही है।
सेवाराम ने इस हादसे का जिम्मेदार मेडिकल कॉलेज को भी ठहराया है। उनका कहना है कि अगर बहू को भर्ती कर लिया जाता तो शायद यह हादसा टल जाता। इतना बड़ा अस्पताल और कोई सुविधा नहीं। बेटा करीब एक घंटा बहू को लिए मेडिकल कॉलेज में ही रहा। वहीं, मृतक के शव को देख मां रामजानकी, भाई रमेश व रामवीर का रो-रोकर हाल बेहाल हो गया है।