शाहजहांपुर। श्रीरुद्र बालाजी धाम मंदिर पर चल रहे तीन दिवसीय महाशिवरात्रि महोत्सव का बृहस्पतिवार को सामूहिक रुद्राभिषेक के साथ समापन हो गया।
पं. कान्हा कृष्ण शुक्ला की देखरेख में भक्तों ने भगवान भोलेनाथ का अभिषेक किया। भूतभावन भगवान सदाशिव का आवाहन कर पाद्य, अर्घ, आचमन, स्नान दूध, दही, घी, शहद, शक्कर एवं पंचामृत से स्नान कराकर वस्त्र धारण कराए। यज्ञोपवीत धारण कराया, सुंदर त्रिपुंड बनाकर भस्म से लेपित किया।
भगवान भोलेनाथ को विवाह के लिए दूल्हे रूप में सजाकर शृंगार किया। शिव भक्तों ने बेलपत्र, भांग, धतूरा, शमी पत्र, फल, मिष्ठान, मेवा आदि चढ़ाकर तांबूल खिलाया और दक्षिणा भेंट की फिर आरती उतार कर सभी भक्तों ने अपने, देश व जगत के कल्याण की प्रार्थना की। कथा व्यास पंडित अंकुर शुक्ल (ब्रजराज दासजी) ने भगवान भोलेनाथ की कथा सुनाई। इस मौके पर डॉ. आरके अवस्थी, डॉ. शालू अग्निहोत्री, डॉ. गौरी अवस्थी, वर्तिका, अलका अरोड़ा, अंशिका, पं. श्रवण शास्त्री, हेमंत शुक्ल आदि मौजूद रहे।
भोलेनाथ मंदिर पर शिव संध्या का आयोजन
शाहजहांपुर। महाशिवरात्रि के मौके पर शहर की भारद्वाज कालोनी में बाबा भोलेनाथ मंदिर पर शिव संध्या का आयोजन किया गया। इसमें कलाकारों ने संगीत की सुर लहरियों के बीच भजन पेश कर लोगों को भक्ति की मंदाकिनी में डुबो दिया। इस मौके पर डा. डीएस माथुर, निरंकार सक्सेना, ध्रुव सक्सेना, आशीष जौहरी, डा. युक्ति माथुर, कुलदीप दीपक, अतुल श्रीवास्तव. मोगली आदि मौजूद रहे। संवाद
परमात्मा हैं कल्याणकारी: योगेश
शाहजहांपुर। आर्य समाज के बोधोत्सव कार्यक्रम में आचार्य योगेश आर्य ने कहा कि वेद ही ईश्वरीय पुस्तक है। आचार्य चंदन मित्र ने ईश्वर के स्वरूप का वर्णन करते हुए कहा कि परमात्मा कल्याणकारी और दुखहर्ता हैं। इससे पूर्व हवन में समाज के लोगों ने आहूति दी। इस मौके पर विवेक गुप्ता, धर्मेंद्र, मीना गुप्ता, लक्ष्मी आर्या, कृष्ण कुमार सक्सेना, भुवनेश आर्य, नरेंद्र आर्य आदि मौजूद रहे। संवाद
परमपिता शिव हैं कल्याणकारी: शास्त्री
तिलहर। आर्य समाज में ऋषि बोधोत्सव पर्व मनाया गया। कार्यक्रम में आचार्य त्रातादेव शास्त्री ने कहा कि परमपिता परमात्मा कल्याणकारी और सुखदाता हैं। इसलिए उनका नाम शिव है। उन्होंने बताया कि आर्य समाज के संस्थापक स्वामी दयानंद सरस्वती को शिवरात्रि पर्व पर सच्चे शिव का बोध हुआ था। सुनीत बाबू आर्य ने कहा कि ऋषि दयानंद ने नारी शिक्षा, गो संवर्धन समेत समाज सुधार के कई कार्य किए। इस मौके पर वीरेंद्र आर्य, जितेंद्र आर्य, सुरेश चंद्र आर्य, वेदप्रकाश आर्य, सत्य प्रकाश आर्य, ज्ञान प्रकाश आर्य, दासी राम आर्य, लोकेश कुमार आदि मौजूद रहे। संवाद