सेहरामऊ दक्षिणी में लखनऊ-पलिया हाईवे पर पानी का छिड़काव कराया गया। संवाद
सेहरामऊ दक्षिणी। लखनऊ-पलिया हाईवे को फोरलेन बनाने के लिए दोनों ओर जेसीबी से खोदाई कर वहां भराव को लगाए गए मिट्टी और राख के ढेर से उड़ती धूल से परेशान राहगीरों को तात्कालिक राहत देते हुए निर्माणदायी संस्था ने सोमवार को वहां टैंकरों से पानी का छिड़काव कराया। हालांकि, हाईवे के कई कार्य स्थलों पर निर्माण कार्य अभी रफ्तार नहीं पकड़ सका है।
हाईवे को चौड़ा करने के लिए हरदोई जिले की सीमा पर स्थित चंदगोई गांव के सामने से लेकर कुतुआपुर और कनेंग गांव तथा बादशाहनगर चौराहे वाले निर्माणाधीन बाइपास से लेकर खन्नौत पुल से आगे तक करीब 20 किमी के दायरे में जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं। कनेंग के अंडरपास और बाइपास के ओवरब्रिज समेत कई स्थानों पर निर्माण कार्य के लिए हाईवे के किनारे भराव के लिए निर्माणदायी संस्था ने मिट्टी और राख के ढेर लगा दिए हैं। हवा चलने पर मिट्टी और राख उड़ने से हाईवे पर दृश्यता प्रभावित होने के साथ हादसे भी हो रहे हैं। इसके बावजूद हाईवे का निर्माण कार्य बेहद धीमी गति से हो रहा है।
हाईवे पर उड़ने वाली धूल से राहगीरों और वाहन चालकों को हो रही दिक्कतों के मद्देनजर अमर उजाला में सोमवार के अंक में पृष्ठ दो पर हरदोई सीमा से बरेली मोड़ तक सफर हुआ खतरनाक शीर्षक से विस्तृत समाचार प्रकाशित किया गया। इसी खबर का संज्ञान लेते हुए हाईवे की निर्माणदायी कंपनी ने सोमवार को सुबह से हाईवे पर कई जगह टैंकर भेजकर वहां पानी का छिड़काव कराया।
इस वजह से कनेंग, बादशाहनगर, गुआरी, चंदगोई, निर्माणाधीन बाइपास मोड़ आदि स्थानों पर राहगीरों और वाहन चालकों को धूल के गुबार का सामना नहीं करना पड़ा। लोगों ने समस्या का स्थायी समाधान कराने के लिए हाईवे के निर्माण कार्य में तेजी लाए जाने की मांग की है। एनएचएआई के परियोजना निदेशक नवरत्न ने बताया कि लोगों की सहूलियत के लिए कार्यदायी संस्था को निर्देशित किया गया है।
सेहरामऊ दक्षिणी में लखनऊ-पलिया हाईवे पर पानी का छिड़काव कराया गया। संवाद