बुधवार रात आठ सशस्त्र नकाबपोश बदमाशों ने गांव हरिहरपुर में एयरफोर्स में जेई राघवेंद्र तिवारी और इसी गांव के मुरारीलाल के घरों में धावा बोलकर परिवार के लोगों को बंधक बना लिया। बदमाश दोनों घरों से नगदी, जेवर, कपड़े सहित लगभग चार लाख रुपये का सामान लूट ले गए। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बदमाशों की तलाश की, लेकिन कोई सफलता हाथ नहीं लगी।
डकैत रात लगभग साढे़ बारह बजे दीवार पर चढ़कर मुरारीलाल के घर में घुसे। उनके छोटे बेटे विवेक को दबोच लिया। बदमाशों के कहने पर विवेक ने अपने बड़े भाई जयप्रकाश के कमरे का दरवाजा खुलवाया। इसके बाद डकैतों ने विवेक, जयप्रकाश और घर के बाहर सो रहे मुरारीलाल को अंदर बुलाकर बांध दिया। जयप्रकाश की पत्नी रचना के विरोध करने पर उसके साथ मारपीट भी की गई। डकैतों ने बक्से में रखी पांच हजार की नगदी, सोने के कुंडल, मांगबेदा, दो कमर बिछुआ, पायल और कीमती कपड़े लूट लिए। एक बदमाश बंधकों की निगरानी करता रहा और शेष मौके से चले गए।
इसके बाद बदमाश एयरफोर्स में जेई राघवेंद्र तिवारी के घर जा धमके। डकैतों ने राघवेंद्र के पिता सेवानिवृत्त वनकर्मी सुभाष बाबू, भाई ज्ञानेंद्र तिवारी और पत्नी विष्णुकांती को बांध दिया और सेफ तोड़कर 20 हजार की नगदी, सोने की लर, कुंडल, मंगलसूत्र, अंगूठी, झुमकी, चांदी के 15 सिक्के और कीमती कपड़े लूट लिए। इसके बाद बदमाश शोर नहीं मचाने की धमकी देते हुए चले गए।
मुरारीलाल के घर से डेढ़ लाख और राघवेंद्र के घर से लगभग ढाई लाख रुपये का सामान डकैत लूट ले गए। बदमाशों के जाने के बाद दोनों परिवारों के लोगों ने शोर मचाया तो गांव के अन्य लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। पुलिस रात में ही मौके पर पहुंची और बदमाशों की तलाश की, लेकिन कोई सफलता हाथ नहीं लग सकी। डकैती से गांव में दहशत है। एसओ राजेश सिंह ने बताया कि उन्होंने मौका मुआयना किया है। मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है।
अब कौन से गिरोह ने डाली डकैती?
खुटार। एसओ राजेश सिंह ने एक माह पूर्व गांव दिलीपापुर और मुरादपुर में पड़ी डकैतियों के खुलासे का दावा किया था। चार डकैतों को पकड़कर जेल भेजा गया था। डकैतों के जेल जाने के दो दिन बाद ही गांव हरिहरपुर में पड़ी डकैती ने पुलिस की नींद उड़ा दी है। बड़ा सवाल है कि अब कौन से गिरोह के लोगों ने घटना को अंजाम दिया है?