जलालाबाद। गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण का लाभ अल्हागंज क्षेत्र को भी मिलने वाला है। इस एक्सप्रेसवे को आगरा एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए बनने वाला लिंक एक्सप्रेसवे अल्हागंज से होकर निकलेगा। इसके निर्माण की कवायद शुरू हो चुकी है। इसके लिए करीब 81 प्रतिशत जमीनों के बैनामे हो चुके हैं।
इटावा से हरदोई के बीच करीब 92 किलोमीटर लंबाई का यह प्रस्तावित लिंक एक्सप्रेसवे अल्हागंज क्षेत्र के तीन गांव रमापुर बझेड़ा, रघुनाथपुर और रावतपुर से होता हुआ निकलेगा। हरदोई की सीमा और रामगंगा नदी की खादर में बसे ये तीनों गांव विकास की दृष्टि से काफी पिछड़े हैं। इन गांवों से निकलने वाले लिंक एक्सप्रेसवे के लिए जरूरी 32 हेक्टेयर जमीन में से प्रशासन 26 हेक्टेयर जमीन के बैनामे कराने की प्रक्रिया पूरी करा चुका है।
जमीन अधिग्रहण का काम देख रहे राजस्व निरीक्षक संदीप कुमार के अनुसार, शेष बची जमीन विवादित होने के कारण कार्रवाई रुकी हुई है। इसका जल्द निपटारा कर प्रस्ताव यूपीडा (उत्तर प्रदेश एक्सप्रेस औद्योगिक विकास प्राधिकरण) को भेज दिया जाएगा। सर्किल रेट से चार गुना ज्यादा धनराशि मिलने के कारण संबंधित किसानों को हर्जाने के रूप में मोटी रकम मिली है। जिनकी जमीनें बच गई हैं, वे काफी महंगी हो गई हैं। दो एक्सप्रेसवे के बीच की जगह होने से यहां की जमीन उद्योग-धंधे लगाने के लिहाज से उद्योगपतियों के लिए काफी मुफीद होगी।
लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण की शुरुआत इटावा के कुदरैल से होगी और यह फर्रुखाबाद व अल्हागंज होते हुए हरदोई के सवायजपुर के गांव कौशिया के पास गंगा एक्सप्रेसवे से मिला दिया जाएगा। आगे इसे बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से जोड़े जाने की योजना है।
किसानों की जमीनों के बैनामे कराने की कार्रवाई तेजी से चल रही है। 81 प्रतिशत जमीनों के बैनामे हो चुके हैं। मई के अंत तक शेष जमीनों के बैनामा कराने की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
- प्रभात राय, एसडीएम जलालाबाद