फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जरी-जरदोजी की तरह बैडमिंटन भी बनेगा जनपद की पहचान

विज्ञापन
जीएफ कॉलेज में बैडमिंटन खेलते छात्र-छात्राएं - फोटो : SHAHJAHANPUR
विज्ञापन
शाहजहांपुर। एक जनपद एक उत्पाद योजना के तहत शुरू की गई एक जिला-एक खेल योजना के तहत जनपद में बैडमिंटन खेल का आवंटन किया गया। योजना के तहत बैडमिंटन खेल को बढ़ावा देने के साथ ही नई पौध तैयार की जाएगी। जीएफ कॉलेज का जिम्नेजियम हॉल में छात्र-छात्राओं का अभ्यास कराकर उन्हें बेहतर खिलाड़ी बनाया जाएगा। योजना के अंतर्गत बैडमिंटन कोच की नियुक्ति भी की जाएगी। हालांकि, जिम्मेदार अभी खेल के लिए धन आवंटन का इंतजार कर रहे हैं।
विज्ञापन

कुछ महीने पहले खेलो इंडिया के तहत जनपद से दो खेलों के नाम मांगे गए थे। जिला क्रीड़ा अधिकारी जितेंद्र भगत ने कुश्ती के लिए राजकीय इंटर कॉलेज और बैडमिंटन के लिए जीएफ कॉलेज का नाम दिया था। जीएफ कॉलेज में बैडमिंटन कोर्ट बना है। जबकि जीआईसी में कुश्ती की व्यवस्था भी आसानी से हो जाती है। शासन से एक जिला-एक खेल योजना के तहत बैडमिंटन का चुनाव कर लिया। योजना के तहत आवंटित धन से छात्र-छात्राओं के लिए संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे, साथ ही कोच की नियुक्ति भी की जाएगी।
यह है योजना का उद्देश्य
जिस तरह से ओडीओपी के तहत जनपद का नाम उस उत्पाद के तहत पहचाना जाता है। उसी तरह खेल के जरिये भी जनपदों की पहचान होगी। योजना के तहत जिले के छात्र-छात्राओं को खेल में अग्रणी बनाने की कोशिश है। खेलों को बढ़ावा देने से अंतरराष्ट्रीय स्तर के बैडमिंटन खिलाड़ी निकल सकते हैं। हालांकि, पहले से ही कई खिलाड़ी जनपद से बाहर अपनी प्रतिभा को दिखा रहे हैं।
विज्ञापन

जीएफ कॉलेज में बना है शानदार बैडमिंटन कोर्ट
-हथौड़ा स्थित परमवीर चक्र विजेता नायक जदुनाथ सिंह स्पोर्ट्स स्टेडियम में बैडमिंटन खेलने के लिए कोर्ट बनाया गया था। देखरेख के अभाव में उसकी हालत खराब होती चली गई। कोर्ट के पटले तक उखड़ने लगे हैं। इसके चलते वहां पर खेल नहीं हो पाता है। वहीं दूसरी तरफ जीएफ कॉलेज में शानदार कोर्ट बना है। वहां पर अधिकारी तक बैडमिंटन खेलने को आते हैं।
-एक जिला-एक खेल में बैडमिंटन चुने जाने से खिलाडिय़ों को काफी ज्यादा लाभ होगा। उन्हें खेलने के लिए संसाधन के साथ एक बेहतर प्लेटफार्म भी मिल सकेगा। अभी तक कोच विहीन जनपद को बैडमिंटन कोच भी मिल जाएगा। सरकार से बजट आते ही कार्रवाई को शुरू कर दिया जाएगा। -जितेंद्र भगत, जिला क्रीड़ा अधिकारी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें