शहर में ऐसे लोगों का गिरोह सक्रिय है जो बिजली उपभोक्ताओं को बिलों में दर्ज रीडिंग कम कराने का लालच देकर उनसे दलाली कमा रहे हैं। टेलीफोन एक्सचेंज के पास मंगलवार को पॉवर कारपोरेशन की ओर से लगाए गए कैंप में मौजूद विभागीय टीम ने इलाके मेें चेकिंग अभियान चलाया तो महकमे में दलालों की सेंधमारी का खुलासा हुआ।
हुआ यह कि सुबह से दोपहर तक बिजली शिविर में बाकीदार उपभोक्ताओं ने बमुश्किल सवा लाख रुपये धनराशि जमा कराई जब कि क्षेत्र के तमाम घरेलू कनेक्शनों पर करीब पांच लाख रुपये से अधिक राजस्व बकाया है। ऐसे उपभोक्ता भी बड़ी तादाद में पहुंचे जो बिलों का भुगतान करने से पहले उनमें संशोधन कराना चाहते थे। जांच में उनके बिल सही पाए जाने पर भी लोग देनदारी चुकता करने को तैयार नहीं हुए तो कर्मचारियोें का माथा ठनका।
कैंप की कमान संभाले बहादुरगंज सब स्टेशन के प्रारी जेई शैलेंद्र पांडेय ने इलाके के कनेक्शन चेक कराए तो कई ऐसे उपभोक्ता सामने आए जो अपने पिछले भुगतान नहीं दिखा पाए। इन लोगों ने अफसरों को बताया कि उन्होंने देय धनराशि कम कराने के लिए अपने बिल एक व्यक्ति और उसके साथियों को दे रखे हैं। यह भी पता चला कि बिलों पर दर्ज रकम कराने का ‘मेहनताना’ भी दे रखा है। जेई के अनुसार ऐसे पांच कनेक्शन काट दिए गए।
फील्ड में जाने पर होती है दिक्कत
‘दलालों की सक्रियता के कारण विभागीय कर्मचारियों को फील्ड में जाने पर काफी दिक्कत होती है। कुछ रकम देकर रीडिंग कम कराने के लालच में फंसे उपभोक्ता मौके पर कोई सहयोग नहीं करते। इस बावत बुधवार को संगठन की ओर से अफसरों को रिपोर्ट देकर कार्रवाई की मांग की जाएगी।’
-शैलेंद्र पांडेय, जिलाध्यक्ष, राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर संगठन
नाम बताएं तो होगी कड़ी कार्रवाई
‘यह प्रकरण फिलहाल मेरे संज्ञान में नहीं है। अगर उपभोक्ता रीडिंग घटाने वालों के नाम-पतों सहित शिकायत करें तो जरूरी कार्रवाई की जाएगी। लोगों को चाहिए कि वे अपने बिल भुगतान केवल अधिकृत विभागीय काउंटरों पर ही करें।’
-एकेशुक्ला, एक्सईएन सिटी, पॉवर कारपोरेशन