ग्रामीण क्षेत्र में बिजली की चोरी रोकने के लिए मीटर की कीमत के तत्काल भुगतान में दी गई रियायत जिले के पॉवर नेटवर्क पर भर पड़ गई है। इस योजना के तहत दिए गए 54 हजार नए घरेलू कनेक्शनों के बोझ से बिजली नेटवर्क फिर से ओवरलोड होने लगा। हाल यह है कि जिन इलाकों में यह समस्या दूर करने को ट्रांसफार्मर अपग्रेड करके उनकी क्षमता बढ़ाई गई, वहां भी बिजली लाइनें बार-बार ट्रिप हो रही हैं।
इसलिए चलाई सस्ता कनेक्शन योजना
शासन के निर्देश पर चेकिंग अभियान से पहले बिजली की चोरी रोकने के लिए पॉवर कारपोरेशन ने ग्रामीण क्षेत्र के बीपीएल परिवारों को एक किलोवाट के कनेक्शन को नियत शुल्क 2157 रुपये में शामिल मीटर की कीमत 1360 रुपये बाद में बिलों में समायोजित कराने का ऑफर दिया। इस तरह विभाग ने 850 रुपये शुल्क लेकर तमाम कनेक्शन जारी किए।
बढ़े 19 हजार से ज्यादा नए कनेक्शन
योजना से पहले तक शहरी क्षेत्र के 55 हजार कनेक्शनों को मिलाकर जिले मेें करीब 1.10 लाख लोगों ने बिजली ले रखी थी। योजना प्रभावी होने से केवल शहरी पॉवर सब स्टेशनों से संबंधित आसपास के गांवों में 19 हजार से ज्यादा नए कनेक्शन बढ़ गए। मसलन, हथौड़ा सब स्टेशन क्षेत्र में कनेक्शन 9500 से बढ़कर 14 हजार हो चुके हैं। इसी तरह ककरा, नवादा इंदेपुर, चिनौर, कैंट एरिया के गांवों में बिजली की मांग बढ़ गई।
दोेबारा ओवरलोडिंग से प्रभावित इलाके
ओवरलोडिंग से निपटने को चार माह पहले ही हथौड़ा सब स्टेशन के 10 एमवीए वाले ट्रांसफार्मर के साथ पांच एमवीए का अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाया गया। अन्य सब स्टेशन अपग्रेड हुए, नए कनेक्शनों की भरमार से हथौड़ा, ककरा, लोधीपुर, बिजलीपुरा, अब्दुल्लागंज, बाला तिराही आदि फीडरों की लाइनें और उनसे जुड़े ट्रांसफार्मर खराब होने लगे हैं। इसके चलते दिसंबर में हथौड़ा क्षेत्र में पांच ट्रांसफार्मर जले।
ऐसे संभव होगा समस्या का समाधान
ओवरलोडिंग से जूझने वाले लाइन स्टाफ के मुताबिक समस्या के समाधान को एक साथ कई काम करने जरूरी हो गए हैं। केवल ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने से काम नहीं चलेगा। लाइनों की करंट लोड कैपिसिटी बढ़ाने के लिए पुराने पतले तार हटाने के साथ नई बंच लाइनें डालनी पड़ेंगी और एचटी लाइनों वाले तारों को टकराने से रोकने के लिए पुराने खंभे भी हटाने जरूरी हो गए हैं।
जारी रहेगा पॉवर सिस्टम सुधारने का काम
‘नए कनेक्शनों से पॉवर सिस्टम पर लोड बढ़ना स्वाभाविक है। समस्या पर पूरी नजर है। इसीलिए ओवरलोडिंग वाले क्षेत्रों की पहचान कर वहां जरूरी काम कराए जा रहे हैं। बिजली की डिमांड के अनुसार पॉवर सिस्टम सुधारने का काम आगे भी जारी रखा जाएगा।’
-आरएस प्रसाद, अधीक्षण अभियंता, पॉवर कारपोरेशन