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Shahjahanpur News: नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को आजीवन कारावास

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शाहजहांपुर। नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया है। उसका साथ देने के आरोपी नाबालिग का मुकदमा किशोर न्यायालय में विचाराधीन है।
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बंडा थाना क्षेत्र के रहने वाले एक व्यक्ति ने पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि 13 जून 2019 को उसकी बेटी, मां और चाची गांव में देवीस्थान पर दुर्गा जागरण देखने गईं थीं। मां के कहने पर बेटी दुर्गा जागरण से वापस घर आई और पन्नी रखकर लौटने लगी। रास्ते में रात करीब 11 बजे घर से थोड़ी दूरी पर एक मड़ैया में निरंकार और उसका एक नाबालिग साथी छिपे बैठे थे। उन लोगों ने उसे दबोच लिया। गन्ने के खेत में ले जाकर निरंकार ने उससे दुष्कर्म किया।
नाबालिग आरोपी तमंचा लिए खड़ा रहा और धमकी दी कि अगर चिल्लाई तो गोली मार देगा। छूटने के बाद पीड़िता किसी तरह घर आई और अपनी मां को सारी बात बताई। जानकारी होने पर जब पिता थाने जा रहा था तो निरंकार के पिता संतोष व दो अन्य लोगों ने उसे घेर लिया। जातिसूचक गाली देते हुए जान से मारने की धमकी दी।
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पुलिस ने 14 जून को एससी-एसटी एक्ट, पॉक्सो एक्ट और सामूहिक दुष्कर्म में पांच लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। पुलिस ने निरंकार सिंह के खिलाफ दुष्कर्म, पॉक्सो और एससीएसटी एक्ट में आरोपपत्र अदालत भेजा गया। नाबालिग आरोपी के खिलाफ पृथक आरोप पत्र किशोर न्यायालय में प्रेषित किया गया।
अदालत में मुकदमा चलने के दौरान साक्ष्यों के आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश-विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट मनोज कुमार सिद्धू ने निरंकार सिंह को एससी-एसटी एक्ट, पॉक्सो एक्ट और दुष्कर्म में आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया है।
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दुष्कर्म में 20 वर्ष की जेल
शाहजहांपुर। अपर सत्र न्यायाधीश पॉक्सो कोर्ट शिवकुमार तृतीय ने नाबालिग से घर में घुसकर दुष्कर्म के दोषी को 20 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, कलान थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली महिला ने तहरीर देकर पुलिस को बताया था कि 2020 को वह अपनी नाबालिग पुत्री के साथ र में सो रहीं थी। तभी विजय अपने एक साथी के साथ घर में घुस आया। बेटी को बंधक बनाकर दुष्कर्म किया। बेटी की चीख सुनकर वह उठीं तो विजय ने तमंचा निकाल लिया। जान से मारने की धमकी देते हुए भाग गए। मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयानात और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने विजय को 20 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। संवाद
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