शाहजहांपुर। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश आशीष वर्मा ने दादी की हत्या के दोषी पौत्र को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषी पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, पुवायां क्षेत्र के गांव चकऊदन निवासी मुन्नी देवी ने सात अप्रैल 2019 को थाने में तहरीर देकर बताया था कि बंडा के गांव बरगदा की रहने वालीं उनकी मां जगन्ना देवी दो वर्ष से उनके यहां रह रहीं थीं। डेढ़ वर्ष पहले उनकी मां ने आठ बीघा जमीन उनके नाम कर दी थी। उनका भतीजा कश्मीर छह अप्रैल 2019 की शाम उसके घर आया था। रात एक बजे कश्मीर ने जगन्ना देवी की गला दबाकर हत्या कर दी थी। हत्या के बाद वह भाग गया था। वादिनी की तहरीर के आधार पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली। विवेचना के बाद आरोपपत्र अदालत भेजा गया। अदालत में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयानात और साक्ष्यों के आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश ने कश्मीर को दोषी पाया और उसे आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया।