शाहजहांपुर। उधार के रुपये वापस मांगने पर युवक की हत्या के दोषी को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इस केस के पांच दोषियों को पूर्व में ही दंडित किया जा चुका है।
रोजा थाना क्षेत्र के हांडा कॉलोनी निवासी कुलदीप कौर ने आठ जुलाई, 2016 को तहरीर दी थी। बताया था कि 2015 में हुए पंचायत चुनाव में निवाजपुर के महेश सिंह की पत्नी बिट्टना देवी प्रधान पद की प्रत्याशी थीं। उनका बेटा विशाल इस चुनाव में बिट्टना देवी का समर्थन कर रहा था। चुनाव के दौरान विशाल का महेश के घर में आना-जाना हो गया था। महेश की बेटी से विशाल प्यार करने लगा था। विशाल ने महेश और परिवार वालों को 1,50000 रुपये उधार दिए थे। उधार के रुपये वापस मांगने पर महेश सिंह और उसके परिवार वाले विशाल से रंजिश मानने लगे थे।
आठ जुलाई की रात करीब नौ बजे महेश के बेटे शिवम ने फोन करके विशाल को कुछ रुपये ले जाने के लिए बुलाया। घर पहुंचने पर विशाल की महेश से कहासुनी होने लगी। महेश ने विशाल पर तमंचे से गोली चला दी। बेटी आरती और पत्नी बिट्टाना देवी ने उसे बरामदे में पकड़ रखा था।
महेश के दोस्त वेदपाल सिंह और बेटे अमित और शिवम ने उस पर बांके से प्रहार किए। विशाल सड़क पर आकर गिर गया। कुलदीप कौर ने बताया कि उसके पति मंगल सिंह और बेटी सर्वजीत कौर विशाल को तलाशते हुए पहुंचे। लोगों के आ जाने पर हमलावर धमकाते हुए मौके से चले गए। जिला अस्पताल में बेटे को मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना के बाद आरोपपत्र अदालत भेजा।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता श्रीपाल वर्मा ने बताया कि दोषी महेश सिंह, आरती, बिट्टाना देवी, शिवम और वेदपाल को पूर्व में ही सजा हो चुकी है। अमित सिंह फरार हो गया था। अपर सत्र न्यायाधीश/पाक्सो अधिनियम शिव कुमार ने दोषी अमित को आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया है