शाहजहांपुर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार सिद्धू ने हत्या के एक मुकदमे में दोषी को आजीवन कारावास और 27 हजार रुपये जुर्माने की सजा से दंडित किया है। साक्ष्य के अभाव में दो आरोपियों को बरी कर दिया गया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार जैतीपुर क्षेत्र के गांव अगरौली निवासी रामसेवक ने 31 जनवरी 2019 को रिपोर्ट लिखाई थी कि वह और उसका भाई मुलायम अपने खेत की ओर जा रहे थे, तभी उसके गांव के रहने वाले कुलदीप, सुखजीत और रामऔतार ने उन लोगों को घेर लिया। वे लोग मारपीट करने लगे। कुलदीप ने तमंचा निकालकर उसके भाई मुलायम सिंह को गोली मार दी। इसके बाद वे लोग भाग गए। मुलायम की बाद में इलाज के दौरान मौत हो गई। विवेचना के दौरान पुलिस ने कुलदीप को गिरफ्तार कर उसके पास से तमंचा बरामद कर लिया। अदालत में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयानात और सरकारी वकील राजीव अवस्थी व विशेष लोक अभियोजक संजीव कुमार सिंह के तर्कों को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश ने कुलदीप को दोषी पाया। उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। आरोपी सुखजीत और रामकिशन को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया।