बंडा। खुटार के रेंजर डीएस यादव तेंदुए से लोगों के बचाव की ठोस व्यवस्था करने और तेंदुए का पता लगाने के स्थान पर गांव के लोगों पर झूठी अफवाह फैलाने का आरोप लगा रहे हैं। तेंदुए का कुछ देर का वीडियो एक ढाबे में लगे सीसीटीवी में कैद होने से साफ है कि गांव के आसपास तेंदुआ घूम रहा है। तेंदुए की दहशत के कारण किसान खेतों पर समूह में जा रहे हैं। श्रमिकों ने फिलहाल खेतों में काम करने से मना कर दिया है।
गांव धर्मापुर के पास 24 मई को तेंदुए ने बंडा के मोहम्मद आसिफ को घायल कर दिया था। आसिफ खेत पर घास काटने गए थे। बाद में तेंदुए को देखने का प्रयास करने के दौरान तेंदुए ने धर्मापुर के विशाल मिश्रा और बंडा के तालिफ को भी घायल कर दिया था। वन विभाग की टीम ने खेत के पास पिंजड़ा लगाया था, लेकिन तेंदुए नहीं फंसा था। गांव धर्मापुर के ही पास 29 मई को फिर से तेंदुए को देखा गया लेकिन वन विभाग की टीम ने पगमार्क कुत्ते के बता दिए और बिना कोई खास जांच पड़ताल के वापस चले गए।
सोमवार रात तेंदुआ दो शावकों के साथ गांव धर्मापुर के अंदर आ गया था। गांव के लोगों ने शोर मचाकर तेंदुए को खदेड़ दिया था। मंगलवार को रेंजर ने गांव पहुंचकर लोगों से कहा था कि तेंदुए की अफवाह फैलाने पर कार्रवाई की जाएगी। उधर के गांव हसनापुर मोड़ के पास सिंधु ढाबे पर लगे सीसीटीवी कैमरे में तेंदुए का वीडियो बना है। यह वीडियो 29 मई का है और जिस खेत में तेंदुआ होने की आशंका है, वहां से डेढ़ किमी की दूरी पर है। ढाबा स्वामी सुखविंदर सिंह ने बताया कि रात में उनके ढाबे के पास तेंदुआ आया था। तेंदुए के डर से गांव धर्मापुर के आसपास श्रमिक खेतों में काम करने को तैयार नहीं हैं।
तेंदुए के पगमार्क मिले थे, लेकिन तेंदुआ कहीं चला गया है। मैंने मौके पर जाकर जांच की थी और गांव के लोगों को समझाया था। रात में लोग कुत्ते को भी तेंदुआ समझ कर शोर मचा देते हैं। -डीएस यादव, रेंजर खुटार