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जाल और पिंजड़े में नहीं फंसा तेंदुआ, बैरंग लौटी वन विभाग की टीम

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बंडा में गन्ने के खेत में कांबिग करते वनकर्मी और गांव के लोग - फोटो : POWAYAN
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बंडा। तीन युवकों को घायल करने वाला तेंदुआ बकरा बंधे पिंजड़े के नजदीक तक नहीं आया। खेत में एक ओर लगाए गए जाल को भी सुबह खाली समेट लिया गया। तेंदुए के कहीं चले जाने की बात कहती हुई वन विभाग की टीम बैरंग लौट गई है, लेकिन गांवों के लोगों में तेंदुए की दहशत बरकरार है। लोग घास आदि लेने गन्ने के खेतों में नहीं गए।
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मंगलवार को गांव धर्मपुर निवासी गिरीशचंद्र शुक्ला के गन्ने के खेत में तेंदुए ने घास काटने गए बंडा के मोहल्ला ब्रजपालनगर निवासी मोहम्मद आसिफ को पंजा मारकर घायल कर दिया था। इसके बाद तेंदुए को देखने खेत में घुसे धर्मापुर के विशाल मिश्रा और ब्रजपालनगर के तालिफ को भी पंजा मारकर घायल कर दिया था। देर शाम डीएफओ आदर्श कुमार, एसडीओ दिलीप कुमार, रेंजर डीएस यादव मौके पर पहुंचे थे और पीलीभीत से आई डब्ल्यूडब्ल्यूएफ की टीम के साथ मौका मुआयना कर खेत के एक ओर जाल लगवाया था।
देर रात दो पिंजड़े भी लगाए गए थे। एक पिंजड़े में बकरा भी बांधा गया था। खेत के चारों ओर चार इंफ्रारेड कैमरे भी लगाए गए थे। बुधवार सुबह मुआयना करने पर कैमरे में तेंदुए का फोटो नहीं मिला। तेंदुए ने बकरे के पास भी जाने का प्रयास नहीं किया। इसके बाद वन विभाग की टीम ने आसपास के खेतों में कांबिंग की और पगमार्क ट्रेस कर कहा कि तेंदुआ खेत से भाग गया है। टीम पिंजड़ा, जाल आदि समेट कर चली गई।
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उधर गांव के लोगों का कहना है कि तेंदुए दूसरे गन्ने के खेत में छिपा हो सकता है। वन अधिकारियों को मामले में ठोस कार्रवाई करनी चाहिए थी। बुधवार को लोग सिंचाई और घास काटने के लिए गन्ने के खेतों के पास नहीं गए। रेंजर ने बताया कि तेंदुआ कहीं और चला गया है। इस कारण पिंजड़ा हटवा दिया गया है।
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