शाहजहांपुर। ऑर्डनेंस क्लोदिंग फैक्टरी (ओसीएफ) में दुधवा नेशनल पार्क और पीलीभीत टाइगर रिजर्व की टीम को दो दिन की मशक्कत के बाद न तो तेंदुआ मिला न ही कहीं उसके पगचिह्न ढूंढ पाई। इसके बाद टीम फैक्टरी में तेंदुआ न होने का दावा करते हुए लौट गई। फैक्टरी में छुट्टी आगे न बढ़ाए जाने की घोषणा पर कर्मचारी डरते-डरते काम पर लौट आए हैं और स्कूल भी खोल दिए गए। मगर लोगों में उसकी दहशत अब भी बरकरार है।
ओसीएफ में शुक्रवार की रात तेंदुआ देखे जाने के बाद फैक्टरी के कर्मचारी दहशत में आ गए थे। स्थानीय वन विभाग की टीम के साथ दुधवा नेशनल पार्क और पीलीभीत टाइगर रिजर्व की टीम, वाइल्ड लाइफ की टीम भी ओसीएफ पहुुंची थी और पूरे क्षेत्र में सघन तलाशी अभियान चलाया, लेकिन उसकी मौजूदगी की पुष्टि नहीं हो पाई। इसके बाद ओसीएफ के अधिकारियों ने आश्वस्त होकर फैक्टरी पर काम पर कर्मचारियों को लौटने का आदेश दे दिया था। सोमवार को तय समय पर कर्मचारी काम करने पहुंचे थे। वहीं कैंट एरिया में स्थित स्कूल में भी बच्चे परीक्षा देने पहुंचे। उधर से गुजरने वाले लोगों की संख्या बढ़ी थी, लेकिन वहां रहने वाले लोगों के जेहन में खौफ बरकार था। उनका कहना था कि आठ माह पहले भी तेंदुआ दिखा था और वन विभाग की टीम की पकड़ में नहीं आया था और इस बार भी दिखाई नहीं देने पर यही कहा जा रहा है, कहीं ऐसा न हो कि पेड़ पर छिपकर या फिर खंडहरनुमा बिल्डिंग में जाकर छिप गया हो। हालांकि ओसीएफ के महाप्रबंधक एके सिंह ने पूरी तौर पर आश्वस्त किया है कि तेंदुआ नहीं है और सभी लोग बिना किसी डर के काम करें।