चांदपुर। तेंदुए ने वन रेंज खुटार के चांदपुर गांव में घुसकर फिर एक बछिया को मार डाला। ग्रामीणों के शोरगुल करने पर तेंदुआ बछिया के शव को छोड़कर भाग गया। पिछले डेढ़ महीने से इलाके में तेंदुए के हमलों का सिलसिला जारी है और वन विभाग तेंदुए को पकड़ने या फिर जंगल में खदेड़ने में नाकाम है। इससे ग्रामीण दहशत में हैं।
तेंदुए ने बृहस्पतिवार को चांदपुर गांव में घुसकर सुबह करीब 6 बजे आलोक कुमार त्रिवेदी के दरवाजे पर बंधी बछिया को मार डाला। ग्रामीणों के शोर मचाने पर तेंदुआ बछिया के शव को छोड़कर भाग गया। सूचना पर वन अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी।
तेंदुए के हमले में कोल्हूगाढ़ा, हरिहरपुर, चतुरपुर, बरगदिया, चांदपुर और केसरपुर गांवों में पिछले डेढ़ महीने में 14वें पालतू पशु की जान गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग की कार्रवाई नाकाफी है। रात में हमले की सूचना देने पर वनकर्मी मौके पर नहीं पहुंचते हैं।
चांदपुर के मुकेश शुक्ला का कहना है कि तेंदुआ कभी भी किसी ग्रामीण पर हमला कर सकता है। चतुरपुर के अमित कुमार के मुताबिक क्षेत्रवासी रातभर पहरा दे रहे हैं, लेकिन वन विभाग प्रभावी कदम नहीं उठा रहा। बरगदिया के पवन कुमार ने कहा कि एक हफ्ते में तेंदुआ नहीं पकड़ा गया तो ग्रामीण आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
हाईवे के ओवरब्रिज पर तेंदुए ने जमाया डेरा
खुटार। बुधवार रात हाईवे के ओवरब्रिज पर तेंदुआ बैठा देख वाहन चालक ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया। ओवरब्रिज अभी निर्माणाधीन है। आवागमन शुरू होने पर तेंदुए से बाइक आदि से निकलने वालों को खतरा हो सकता था।
खुटार के पूरनपुर- मैलानी रोड के बीच बन रहे ओवरब्रिज के पास से रात लगभग नौ बजे निकले लोगों ने वहां एक तेंदुआ बैठा देखा। तेंदुआ ओवरब्रिज पर किनारे तक आने के बाद वापस ओवरब्रिज की ओर जा रहा था। इस पर वाहन चालकों ने तेंदुए का वीडियो बनाना शुरू कर दिया। काफी देर तक तेंदुआ ओवरब्रिज पर बैठा रहा। खास बात यह है कि ओवरब्रिज से कुछ ही दूर बने घरों में लोग रहते हैं, ऐसे में आबादी के पास तक तेंदुए के पहुंचने से लोगों की जान को खतरा हो सकता है। संवाद