मौसम की मार से बेहाल किसानों को उचित मुआवजा दिलाने, भूमि अधिग्रहण कानून को रद्द करने सहित किसानों की अन्य मांगों को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुवायां के राजीव चौक से गांव घनश्यामपुर तक पैदल मार्च निकाला।
पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने राजीव चौक पर पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर मार्च का शुरूआत की। इसके बाद कार्यकर्ताओं का काफिला पैदल चलता हुआ मंडी परिसर पहुंचा। मंडी में लगे पांच सेंटरों पर बोरों में भरा गेहूं लगा हुआ था, लेकिन एक भी किसान का गेहूं तोला नहीं जा रहा था। सेंटरों पर इंचार्ज और ठेकेदार आदि भी नहीं मिले। प्रसाद ने एसडीएम लालबहादुर को मंडी बुलाया और सेंटरों पर किसानों से खरीद नहीं होने की बात कही। इस बीच महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए एसडीएम को चूड़ी पहनाने का प्रयास किया जिस पर एसडीएम मौके से खिसक लिए।
इसके बाद जितिन प्रसाद कार्यकर्ताओं के साथ मंडी में धरने पर बैठ गए। जानकारी पाकर एसडीएम फिर मौके पर पहुंचे और कहा कि शुक्रवार से सभी इंचार्ज सेंटरों पर मौजूद रहेंगे। किसानों से खरीद भी की जाएगी। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं की पैदल यात्रा गांव घनश्यामपुर बुजुर्ग पहुंची। यहां जितिन प्रसाद ने कहा कि केंद्र सरकार भूमि अधिग्रहण बिल लागू कराने के प्रयास में है जो पूरी तरह किसान विरोधी है। इसे किसी भी कीमत पर लागू नहीं होने दिया जाएगा। कांग्रेस के समय में बने कानून को उसी रूप में लागू किया जाना चाहिए। बारिश से फसल नष्ट होने वाले तमाम किसानों को मुआवजा नहीं मिल रहा है। राजस्व कर्मी साठगांठ कर अपने चहेतों का लाभ पहुंचा रहे हैं। किसानों को उचित मुआवजा और जिन किसानों ने आत्महत्या की है उनको पर्याप्त सहायता राशि दी जानी चाहिए। उन्होंने किसानों ने 19 अप्रैल को दिल्ली में होने वाली किसान रैली में भारी संख्या में प्रतिभाग करने की अपील भी की।
प्रदेश महासचिव फूलमती सैनी, पूर्व विधायक चेतराम, कांग्रेस जिलाध्यक्ष कौशल मिश्रा, मानवेंद्र सिंह, शाहिद अनवर कुरैशी, गोपाल शर्मा, सावित्री शर्मा ने भी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। इस दौरान रमेशचंद्र मिश्रा, श्रवण कुमार अवस्थी, पुनीत शर्मा, विजय मिश्रा, रामनाथ पांडे, राम मनोहर दुबे, शिवगुलाम, तिवारी, वंशीधर कटियार आदि मौजूद रहे।