शाहजहांपुर में अग्निशमन सुरक्षा सप्ताह के शुभारंभ पर शहीद स्तंभ के सामने दो मिनट का मौन रखकर श्र?
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शाहजहांपुर। 14 अप्रैल, 1944 को मुंबई बंदरगाह पर फोर्टस्टीकाइन नामक जहाज में विस्फोटक सामग्री की आग बुझाते समय शहीद हुए फायर सर्विस के 66 जवानों की याद में अग्निसुरक्षा सप्ताह की शुरुआत की गई। इस दौरान शोक परेड करते हुए दो मिनट का मौन रखकर दिवंगतों को श्रद्धांजलि दी गई। अधिकारियों व कर्मचारियों के पिन फ्लैग भी लगाए गए।
बृहस्पतिवार को अग्निसुरक्षा सीखें, उत्पादकता बढ़ाएं थीम पर शुरू हुए अग्निशमन सुरक्षा सप्ताह के तहत मुख्य अग्निशमन अधिकारी रेहान अली ने शहीद स्तंभ के सामने पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया। उन्होंने बताया कि दूसरे विश्वयुद्ध के प्रारंभ होने के समय 1939 तक पूरे भारत में कोई अग्निशमन सेवा उपलब्ध नहीं थी, मात्र कुछ महानगरों में नगर महापालिकाओं द्वारा पानी, बिजली आदि सेवाओं की तरह आग बुझाने के लिए छोटे-छोटे दल गठित कर रखे थे।
1944 में मुंबई बंदरगाह विस्फोटक उतारते समय अचानक लगी आग को बुझाने में 66 जवान शहीद हो गए थे। उनकी याद में हर वर्ष अग्निशमन सप्ताह मनाया जाता है। उन्होंने बताया कि सप्ताह के अंतर्गत आम नागरिकों को अग्निकांडों से होने वाले नुकसान के प्रति जागरुक कर बचाव के उपाय बताए जाएंगे। इसके बाद फायरकर्मियों ने रैली निकाली और लोगों को जागरूक किया। एफएसओ डॉ. बीएन पटेल, सब इंस्पेक्टर मोहम्मद अफजल, संकटे लाल गौतम आदि मौजूद रहे।
शाहजहांपुर में अग्निशमन सुरक्षा सप्ताह के पहले वाहनों की रैली को झंडी दिखाकर रवाना करते मुख्य अ?- फोटो : SHAHJAHANPUR