नवसृजित तहसील कलान में मिर्जापुर ब्लाक को शामिल किए जाने को लेकर आंदोलनरत अधिवक्ताओं ने सोमवार को भी कामकाज ठप रखा और धरना देकर शासन के खिलाफ नारेबाजी की। कामकाज न होने के कारण दूरदराज से आए वादकारियों को मायूस होकर वापस लौटना पड़ा।
मालूम हो कि कलान को तहसील का दर्जा दिए जाने को लेकर शासन की ओर से प्रस्ताव मांगा गया था। इसके अनुपालन में तहसील प्रशासन द्वारा भेजे गये प्रस्ताव में मिर्जापुर ब्लाक को भी नवसृजित तहसील में शामिल किया जाना प्रस्तावित है। प्रशासन के इस निर्णय के विरोध में लामबंद हुए वकीलों ने हड़ताल शुरू कर दी है। वकीलों का कहना है कि मिर्जापुर क्षेत्र के जो गांव कलान के काफी नजदीक हैं उन्हें कलान तहसील में शामिल किया जाए, जबकि अन्य गांव जलालाबाद में ही रहें। इसको लेकर ज्ञापन दिए जाने के बाद भी सुनवाई न होने पर तहसील के अधिवक्ताओं ने हड़ताल शुरू कर दी। इसके अलावा शुक्रवार और सोमवार को वकीलों ने धरना देते हुए नारेबाजी की और एसडीएम को पुन: ज्ञापन देकर उक्त प्रस्ताव को वापस लेने की मांग की। इस मौके पर बार संघ अध्यक्ष राजीव सक्सेना, अनिल पाठक, रामकृष्ण यादव, विनोद द्विवेदी, राकेश श्रीवास्तव, नारायण देव पाठक, करतार सिंह समेत कई अधिवक्ता मौजूद रहे।