गन्ना किसानों को 50 हजार रुपये की अनुदान राशि प्रति हेक्टेयर पर दी जाएगी जिसकी लागत 1.50 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर पर आती है।
सोमवार को विकास भवन सभागार में गन्ना, नलकूप और सिंचाई विभाग की समीक्षा बैठक लेते हुए डीएम पुष्पा सिंह ने जिला गन्ना अधिकारी और चीनी मिल प्रबंधकों को निर्देश दिया कि वे अपने किसानों का आधार कार्ड जरूर बनवायें एवं किसानों का जितना गन्ना पैदा होता है, उतने की ही उनकी पर्ची बनवाएं। गन्ना किसान यदि अपनी भूमि बटाई पर देता है, तो उस भूमि मालिक के नाम से पैसा दिया जाएगा।
डीएम ने कहा कि किसान का जितना गन्ना लिया जाता है उसी के हिसाब से उसे पूर्ण भुगतान किया जाये, उसमें कोई कटौती नहीं हो। निगोही चीनी मिल के यूनिट हेड कुलदीप सिंह ने बताया कि 25 करोड़ रुपये किसानों का बाकी है जो इस माह में भुगतान कर दिया जायेगा। फिर डीएम ने नलकूप विभाग की समीक्षा शुरू की तो अधिशासी अभियंता (नलकूप) ने बताया कि जिन जगहों पर विद्युत की आपूर्ति की वजह से नलकूप खराब पड़े है उनके संबंधी में रिपोर्ट दर्ज करा दी गयी है। डीएम ने उन सभी रिपोर्ट की रिपोर्ट तत्काल तलब की। साथ ही अपने स्तर पर ठीक कराकर चालू कराने जा सकने वाले नलकूपों की भी डीएम ने रिपोर्ट तलब की। बैठक में सीडीओ टीके शिबु समेत सभी संबंधित विभागीय अधिकारी मौजूद थे।